

लखनऊ से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर गुरुवार शाम अज्ञात असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। घटना उस समय हुई जब ट्रेन मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। खास बात यह है कि ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि घटना में उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास के ई-1 कोच में सफर कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन की खिड़की पर पत्थर आकर लगा, जिससे शीशा टूट गया। राहत की बात यह रही कि संघ प्रमुख खिड़की की दूसरी ओर बैठे थे, इसलिए वे किसी भी तरह की चोट से बच गए।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और सुरक्षा कारणों से उसे सीधे टूंडला जंक्शन तक पहुंचाया गया। शाम 7:34 बजे ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मोहन भागवत को ट्रेन से नीचे नहीं उतारा गया। अधिकारियों ने कोच के भीतर जाकर उनसे मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उनके सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली।
टूंडला स्टेशन पर आवश्यक जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस को शाम 7:41 बजे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। इस बीच आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
रेलवे सुरक्षा बल के सहायक सुरक्षा आयुक्त विनीत सागर ने बताया कि रेल ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
संघ प्रमुख जैसे उच्च सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की यात्रा के दौरान ट्रेन पर पथराव की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि यह महज शरारती तत्वों की हरकत थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।