

कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रूसी समाचार एजेंसी TASS की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन का कुल सरकारी कर्ज 110 अरब डॉलर से अधिक बढ़ गया है। लगातार बढ़ते रक्षा खर्च, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और विदेशी आर्थिक सहायता पर बढ़ती निर्भरता के कारण देश पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले यूक्रेन का कुल सार्वजनिक कर्ज लगभग 97.96 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 208.97 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यानी चार वर्षों में इसमें करीब 111 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि 100 प्रतिशत से भी अधिक है और यूक्रेन के आर्थिक दबाव को दर्शाती है।
TASS की रिपोर्ट में यूक्रेन के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सबसे अधिक बढ़ोतरी विदेशी कर्ज में हुई है। 2022 में जहां विदेशी कर्ज 57.2 अरब डॉलर था, वहीं अब यह बढ़कर 162.73 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में लगभग तीन गुना है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस राशि में से लगभग 10 अरब डॉलर का भुगतान यूक्रेन को International Monetary Fund (आईएमएफ) को करना है, जबकि शेष कर्ज विभिन्न सहयोगी देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लिया गया है।
रिपोर्ट में Institute for Demography and Social Studies का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि यदि यूक्रेन की वर्तमान आबादी लगभग 2.8 करोड़ मानी जाए, तो देश के प्रत्येक नागरिक पर औसतन 7,500 डॉलर से अधिक का सरकारी कर्ज है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 7 लाख रुपये से ज्यादा बैठती है।
विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध के कारण रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की जरूरत और राजस्व में गिरावट ने यूक्रेन की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया है। हालांकि देश को पश्चिमी देशों से सैन्य और आर्थिक सहायता मिल रही है, फिर भी सरकारी उधारी लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूक्रेन की संसद Verkhovna Rada के कुछ सांसदों का अनुमान है कि मौजूदा कर्ज को पूरी तरह चुकाने में देश को लगभग 35 वर्ष तक का समय लग सकता है।
इस बीच यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से आर्थिक सहयोग जुटाने की कोशिशों में लगा हुआ है। हाल ही में European Union ने यूक्रेन के लिए 90 अरब यूरो के वित्तीय सहायता पैकेज की घोषणा की है, जिससे युद्धग्रस्त अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा खिंचने की स्थिति में यूक्रेन के सामने आर्थिक चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। फिलहाल देश को रक्षा जरूरतों, पुनर्निर्माण और सामाजिक खर्चों के बीच संतुलन बनाते हुए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की कठिन परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है।