

गुवाहाटी : असम में भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए शिक्षा मंच रोजगार विद अंकित (RWA) और इसके संस्थापक अंकित भाटी सर आगे आए हैं। RWA के छात्रों, शिक्षा समुदाय और अंकित भाटी सर की संयुक्त पहल के तहत बाढ़ राहत के लिए कुल 21.38 लाख रुपये का योगदान किया गया। इस पहल से 485 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को सीधे मदद मिली, जबकि व्यापक राहत प्रयासों के जरिए 1,000 से अधिक लोगों तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच बनाई गई। राहत अभियान में 10.38 लाख रुपये मौके पर किए गए राहत प्रयासों के माध्यम से जुटाए गए। इसमें RWA के छात्रों और अभियान से जुड़े लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। इसके अलावा अंकित भाटी सर ने व्यक्तिगत रूप से 11 लाख रुपये असम बाढ़ राहत के लिए दिए। यह राशि बाद में मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए चेक के माध्यम से सौंपी गई।
प्रभावित इलाकों का किया दौरा
राहत अभियान के तहत अंकित भाटी सर ने 19 अगस्त को असम का दौरा किया। इस दौरान राहत टीम ने नाजिरा, नेपालिखुटी और शिवसागर सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थानीय परिवारों की स्थिति और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। अभियान का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि प्रभावित समुदायों से सीधे जुड़कर उनकी परेशानियों को समझना भी था। राहत गतिविधियों के जरिए 485 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष सहायता उपलब्ध कराई गई।
26 अगस्त को मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 11 लाख
अंकित भाटी सर ने 26 अगस्त को नई दिल्ली स्थित असम हाउस में असम के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह योगदान असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किया गया। RWA के मुताबिक, अभियान में छात्रों की भागीदारी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। संगठन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी चाहिए।
शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
Rojgar With Ankit प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाला शिक्षा मंच है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से सामान्य और सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। असम बाढ़ राहत अभियान के जरिए संगठन ने शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया। अंकित भाटी सर ने कहा कि बच्चों को केवल किताबों के माध्यम से नहीं, बल्कि मानवता और जिम्मेदारी के जरिए भी सीखना चाहिए। उनके अनुसार, असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में छात्रों की भागीदारी इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा का दायरा कक्षा से आगे भी है।