राजधानी एक्सप्रेस के सामने आया हाथियों का झुंड

असम में रोकनी पड़ी ट्रेन
राजधानी एक्सप्रेस के सामने आया हाथियों का झुंड
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होजाई : असम के होजाई जिले में एक अनोखे नजारे के कारण डाउन राजधानी एक्सप्रेस को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। हवाईपुर के पास रेलवे ट्रैक पर हाथियों का झुंड अपने बच्चों के साथ गुजर रहा था। वन विभाग के अधिकारियों ने हाथियों को ट्रैक की ओर बढ़ते देख रेलवे अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को रोककर झुंड को सुरक्षित तरीके से रेलवे लाइन पार करने का मौका दिया गया। यह घटना अगस्त में हवाईपुर के पास करीब किलोमीटर 167/8 पर हुई थी। बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें हाथियों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पार करता दिखाई दे रहा है। झुंड में छोटे हाथी भी शामिल थे।

वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय

हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद असम वन विभाग, राजधानी एक्सप्रेस के लोको पायलट और लुमडिंग रेलवे कंट्रोल रूम के बीच समन्वय किया गया। वन अधिकारियों की निगरानी में ट्रेन की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई, ताकि हाथी बिना किसी खतरे के ट्रैक पार कर सकें। असम के मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने इस घटना को हाथियों को सुरक्षित रास्ता देने वाला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया और सोशल मीडिया पर झुंड को गुजरने देने के लिए ट्रेन रोके जाने का उल्लेख किया।

हाथियों के लिए संवेदनशील है यह रेलवे मार्ग

हवाईपुर-लुमडिंग रेलखंड हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में आता है। लुमडिंग रिजर्व फॉरेस्ट, धानसिरी-लुमडिंग एलीफेंट रिजर्व का हिस्सा है और इसका संपर्क कार्बी आंगलोंग तथा नगांव के आसपास के वन क्षेत्रों से है। इस क्षेत्र में हाथियों के एक वन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आने-जाने के दौरान उनका रेलवे ट्रैक के नजदीक पहुंचना असामान्य नहीं है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आकलन में भी लुमडिंग-हवाईपुर रेलवे खंड को वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।

हाथियों की सुरक्षा के लिए रेलवे के उपाय

हाथी-ट्रेन टकराव की घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रेलवे संवेदनशील रेलखंडों पर कई उपाय करता है। हाथी गलियारों को रेलवे की कार्यप्रणाली और समय-सारिणी में शामिल किया जाता है तथा जरूरत पड़ने पर ऐसे क्षेत्रों में ट्रेनों की गति सीमित की जाती है। इसके अलावा, ट्रैक के आसपास हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारियों और नियंत्रण कक्षों को अलर्ट किया जाता है। वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय के जरिए ट्रेन परिचालन में अस्थायी बदलाव कर हाथियों को सुरक्षित रास्ता देने की कोशिश की जाती है। हवाईपुर की यह घटना रेलवे परिचालन और वन्यजीव संरक्षण के बीच समन्वय का एक दिलचस्प उदाहरण रही, जहां यात्रियों वाली राजधानी एक्सप्रेस को कुछ समय के लिए रुककर हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से ट्रैक पार करने दिया गया।

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