

संयुक्त राष्ट्र : भारत, यूरोपीय संघ समेत ‘पार्टनर्स फॉर मल्टीलैटरलिज्म’ (P4M) के सह-प्रायोजक देशों ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, संरक्षणवाद और दबाव की राजनीति के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान 21 सितंबर को शुरू P4M पहल के शुरुआती सह-प्रायोजकों में ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा, यूरोपीय संघ, भारत और केन्या शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। घोषणा में कहा गया कि बढ़ता ध्रुवीकरण, संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और शक्ति राजनीति वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक सहयोग जरूरी है। P4M देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर की केंद्रीय भूमिका दोहराते हुए बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार का समर्थन किया। जयशंकर ने कहा कि देशों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भूमिका देने के लिए सुधार जरूरी हैं। घोषणा में वैश्विक वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।