

ईटानगर : सिक्किम के रैपर उगेन नामग्याल भूटिया, जिन्हें यूएनबी के नाम से जाना जाता है, पर अरुणाचल प्रदेश में हुए कथित हमले के बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य के युवाओं से मेहमाननवाजी और सम्मान की भावना बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से अरुणाचल आने वाले कलाकार और पर्यटक राज्य के मेहमान हैं और उनके साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान ऐसी घटनाएं विशेष रूप से नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये आयोजन अरुणाचल की सांस्कृतिक पहचान और मेहमाननवाजी को देश के सामने रखने का अवसर देते हैं।
त्योहारों में आने वाले कलाकारों का सम्मान जरूरी
मुख्यमंत्री ने घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न त्योहारों में राज्य के बाहर से बड़ी संख्या में कलाकार और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे आयोजनों में आने वाले कलाकारों को सम्मान और अच्छी मेहमाननवाजी मिलनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राज्य की परंपरा और संस्कृति के अनुरूप अतिथियों के साथ व्यवहार करें। खांडू ने कहा कि बाहर से आने वाले लोग मेहमान हैं और त्योहारों में प्रस्तुति देने वाले कलाकार अपने क्षेत्र के स्टार हैं। इसलिए उनके प्रति सम्मान और गर्मजोशी का व्यवहार किया जाना चाहिए।
सिक्किम के मुख्यमंत्री से की बात
यूएनबी पर कथित हमले को लेकर मुख्यमंत्री खांडू ने बताया कि उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री से बातचीत की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों राज्य सरकारें मिलकर मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगी। खांडू के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ऐसी घटनाओं से राज्य की छवि प्रभावित हो सकती है, इसलिए लोगों को सार्वजनिक आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी और संयम का परिचय देना चाहिए।
पर्यटन को बढ़ावा देने में त्योहारों की भूमिका
खांडू ने अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने में त्योहारों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को आकर्षित करते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पर्यटन राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व को बढ़ाने में भी योगदान दे सकता है। ऐसे में त्योहार केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि जब बाहर से आने वाले पर्यटक और कलाकार अरुणाचल प्रदेश में सकारात्मक अनुभव लेकर लौटते हैं, तो इससे राज्य की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को मजबूती मिलती है।
‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं से भारतीय परंपरा के ‘अतिथि देवो भव’ सिद्धांत का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से अरुणाचल आने वाले कलाकारों और मेहमानों के साथ सम्मान तथा गर्मजोशी से पेश आना राज्य के लोगों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को पर्यटकों और कलाकारों के प्रति अपने स्वागत-सत्कार के रवैये को और मजबूत करना चाहिए। त्योहार राज्य की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और स्थानीय समुदायों की मेहमाननवाजी को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों को सफल बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि अरुणाचल प्रदेश आने वाले कलाकारों तथा पर्यटकों के बीच राज्य की छवि एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मेहमाननवाज स्थान के रूप में बने।