बांस नागालैंड की विरासत, पर्यावरण और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा : रियो


बांस नागालैंड की विरासत, पर्यावरण और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा : रियो
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कोहिमा : विश्व बांस दिवस के अवसर पर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने बांस को राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पारिस्थितिकी और दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बांस केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि नागालैंड के लोगों की आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की संभावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण संसाधन है। विश्व बांस दिवस हर वर्ष बांस के पर्यावरणीय, आर्थिक, सांस्कृतिक और सतत विकास में योगदान को रेखांकित करने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष का विषय “Bamboo Beyond Borders” रखा गया है, जो बांस के व्यापक उपयोग और इसकी सीमाओं से परे संभावनाओं को सामने लाता है।

आजीविका और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री रियो ने कहा कि नागालैंड के लोगों के लिए बांस का महत्व सदियों से रहा है। इसका उपयोग स्थानीय जीवनशैली, पारंपरिक गतिविधियों और विभिन्न आवश्यकताओं में होता रहा है। साथ ही बांस ग्रामीण समुदायों के लिए आय और आजीविका का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि बांस तेजी से बढ़ने वाला प्राकृतिक संसाधन होने के कारण पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रयासों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके जिम्मेदार और योजनाबद्ध उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करने तथा हरित विकास को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।

सतत उपयोग को बढ़ावा देने की अपील

रियो ने लोगों से बांस के महत्व को समझने और इसके जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य की समृद्ध बांस संपदा को संरक्षित करने के साथ-साथ इसके टिकाऊ उपयोग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बांस से जुड़ी पारंपरिक विरासत और आधुनिक सतत विकास की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकता है। इससे स्थानीय आजीविका को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्व बांस दिवस के अवसर पर बांस के संरक्षण, संवर्धन और जिम्मेदार उपयोग के प्रति सामूहिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बांस की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल नागालैंड को अधिक हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

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