

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या से लोगों को हुई परेशानी पर नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने बुधवार को माफी मांगी। नगर निकाय ने माना कि कुछ स्थानों पर पानी निकालने में सामान्य से काफी अधिक समय लगा और इस वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनडीएमसी ने भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था को और मजबूत करने का भरोसा दिया है।
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सामान्य परिस्थितियों में नगर निकाय जलभराव की समस्या को 15 से 20 मिनट के भीतर दूर कर देता है। हालांकि, मंगलवार को कम से कम तीन-चार स्थानों पर पानी निकालने में एक घंटे से अधिक समय लगा।
उन्होंने कहा कि दो घंटे से भी कम अवधि में एनडीएमसी क्षेत्र में 72 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। कम समय में इतनी अधिक बारिश होने के बावजूद उन्होंने इसे लोगों को हुई परेशानी के लिए बहाने के रूप में स्वीकार करने से इनकार किया।
द्विवेदी ने कहा कि 25 अगस्त को एनडीएमसी क्षेत्र में जलभराव के कारण जिन लोगों को परेशानी हुई, उनसे वह दिल से माफी मांगते हैं। उन्होंने माना कि बारिश की तीव्रता असामान्य रही, लेकिन नगर निकाय की जिम्मेदारी है कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों को कम से कम असुविधा हो।
भारी बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गई थीं। जलभराव ने यातायात की रफ्तार प्रभावित की और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। ऐसे में एनडीएमसी का यह बयान व्यवस्था की कमियों को स्वीकार करने और उनमें सुधार का संकेत माना जा रहा है।
एनडीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि नगर निकाय पूरे एनडीएमसी क्षेत्र को पूरी तरह जलभराव मुक्त बनाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय करेगा। इसका उद्देश्य केवल तत्काल पानी निकालना नहीं, बल्कि भविष्य में अत्यधिक बारिश के दौरान जल निकासी की क्षमता बढ़ाना भी होगा।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था को इस तरह मजबूत किया जाएगा कि कम समय में होने वाली तेज बारिश के दौरान भी पानी की निकासी तेजी से हो सके। इसके लिए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ उन स्थानों की पहचान भी महत्वपूर्ण होगी, जहां मंगलवार को जलभराव लंबे समय तक बना रहा।
एनडीएमसी ने व्यवस्था सुधारने के लिए स्थानीय निवासियों से सुझाव भी आमंत्रित किए हैं। नगर निकाय का मानना है कि स्थानीय लोगों के अनुभव से उन स्थानों और समस्याओं की बेहतर पहचान हो सकती है, जो बारिश के दौरान बार-बार सामने आती हैं।
द्विवेदी ने कहा कि एनडीएमसी यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि भविष्य में नागरिकों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए तत्काल उपायों के साथ स्थायी समाधान पर भी जोर दिया जाएगा।
मंगलवार की बारिश ने राजधानी की जल निकासी व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती पेश की। कम अवधि में 72 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने से कई जगह पानी तेजी से जमा हुआ। एनडीएमसी के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में जलभराव 15-20 मिनट में दूर हो जाता है, लेकिन इस बार कुछ स्थानों पर एक घंटे से ज्यादा समय लगा।
नगर निकाय का कहना है कि अत्यधिक बारिश की स्थिति को देखते हुए भविष्य की तैयारियों को और बेहतर किया जाएगा। अब निगाह इस बात पर होगी कि एनडीएमसी की ओर से घोषित अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और अगली तेज बारिश में उनका कितना असर दिखाई देता है।