

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने ईटानगर के पास नाहरलागुन इलाके में केले पकाने के लिए कथित तौर पर रसायनों के इस्तेमाल के मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के बाद पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। नाहरलागुन-ईटानगर राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक नीलम नेगा ने बताया कि मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस संबंध में एक वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, वीडियो में कथित तौर पर केले पकाने के लिए किसी पदार्थ या रसायन के इस्तेमाल का मामला दिखाई दे रहा था। इसके बाद नाहरलागुन थाने के अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि नाहरलागुन थाने के प्रभारी अधिकारी के. देव ने बुधवार को इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पदार्थ की वास्तविक प्रकृति की जांच होगी
पुलिस अधीक्षक नीलम नेगा ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाए गए पदार्थ को अभी किसी विशेष रसायन के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी वास्तविक प्रकृति और रासायनिक संरचना का निर्धारण वैज्ञानिक जांच और विस्तृत जांच के बाद ही किया जा सकेगा। अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले वीडियो में दिखाए गए पदार्थ के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस्तेमाल किया गया पदार्थ क्या था और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
पुलिस ने कहा कि यदि जांच में खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच का एक प्रमुख उद्देश्य कथित गतिविधि में शामिल लोगों की पहचान करना भी है। इसके लिए वीडियो में दिखाई देने वाले स्थान और गतिविधि की जानकारी जुटाने के साथ-साथ संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
केले और अन्य फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थों को लेकर समय-समय पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, नाहरलागुन के इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई गई सामग्री वास्तव में कौन-सा पदार्थ है और क्या उसका इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करता है। पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपुष्ट दावों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच के परिणाम का इंतजार करने की अपील की है।