

नयी दिल्ली -असमः कांग्रेस ने असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान पार्टी नेताओं के काफिले पर कथित पथराव को लेकर निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी महासचिव सैयद नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाकर सुनियोजित हमला किया गया और पूछा कि क्या निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उपचुनाव सुनिश्चित कर पाएगा। यह घटना सोमवार को असम के नगांव जिले के समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बारामा बाजार में हुई थी। पुलिस के अनुसार, कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प उस समय हुई जब असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला लारीरमुख में आयोजित चुनावी सभा के लिए जा रहा था। कांग्रेस के मुताबिक, काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन, विधानसभा में विपक्ष के उपनेता वाजेद अली चौधरी, एआईसीसी सचिव मनोज चौहान, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर और नगांव उपचुनाव की पार्टी उम्मीदवार शिवामोनी बोरा सहित कई नेता मौजूद थे।
हुसैन ने संवाददाताओं से कहा कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के काफिले पर हमला किया गया। उन्होंने इसे सुनियोजित बताते हुए घटना की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं का उद्देश्य नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में भय का माहौल पैदा करना है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि काफिले पर पत्थर फेंके गए और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा। पार्टी ने इस घटना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी।
हुसैन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देश में डराने-धमकाने की राजनीति की जा रही है और इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि उपचुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सुरक्षित एवं समान अवसर मिले। कांग्रेस नेताओं ने घटना के बाद पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पार्टी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने काफिले को निशाना बनाया। दूसरी ओर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घटना को कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय टकराव से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व को अपनी आंतरिक समस्याओं की जिम्मेदारी लेने को कहा। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही हमले की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। उपचुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में राजनीतिक दलों का प्रचार तेज है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुई इस घटना ने चुनावी सुरक्षा और प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है।