

कोहिमा : नगालैंड में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में 2005 की पुरानी मतदाता सूची से विवरण के मिलान में विसंगतियों वाले करीब 5 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Additional CEO) आवा लोरिन ने सोमवार को कोहिमा में यह जानकारी दी। यह प्रक्रिया 20 सितंबर को SIR के तहत मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के एक दिन बाद सामने आई है।
36.64 प्रतिशत मतदाताओं के विवरण में मैपिंग संबंधी समस्या
लोरिन के अनुसार, SIR के दौरान 9.33 प्रतिशत मतदाता ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में पाए गए, जबकि 27.31 प्रतिशत मामलों में मैपिंग संबंधी विसंगतियां मिलीं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर यह आंकड़ा 36.64 प्रतिशत है। ऐसे मतदाता जिनका नाम 2005 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो सका है या जो 2005 की सूची में दर्ज किसी व्यक्ति की संतान के रूप में अपना संबंध स्थापित नहीं कर पाए हैं, उन्हें संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) की ओर से नोटिस दिया जाएगा।
जन्म वर्ष के आधार पर देने होंगे दस्तावेज
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की संख्या और प्रकार संबंधित व्यक्ति की जन्मतिथि या जन्म वर्ष के आधार पर निर्धारित होंगे। निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष दस्तावेज और दावा प्रस्तुत करने के बाद उनकी जांच की जाएगी। यदि अधिकारी दावे और प्रस्तुत दस्तावेजों से संतुष्ट होते हैं तो संबंधित मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में बनाए रखा जाएगा। वहीं, निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या अपने दावे को प्रमाणित नहीं कर पाने की स्थिति में नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सकता है।
मसौदा सूची में करीब 1.59 लाख नाम कम
नगालैंड में SIR के तहत मसौदा मतदाता सूची 20 सितंबर को प्रकाशित की गई। इसमें पूर्व SIR सूची के करीब 13.57 लाख मतदाताओं में से लगभग 1.59 लाख नाम शामिल नहीं हैं। हालांकि, निर्वाचन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मसौदा सूची में कुल 12,06,457 मतदाता हैं, जिनमें 11,99,456 सामान्य मतदाता और 7,001 सेवा मतदाता शामिल हैं।
SIR की गणना प्रक्रिया 16 अगस्त से 14 सितंबर तक चली थी। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया। निर्वाचन विभाग के अनुसार, 13,57,208 के पूर्व-SIR मतदाता आधार में से 11,99,456 मतदाताओं के गणना फॉर्म प्राप्त हुए, जो कुल संख्या का 88.38 प्रतिशत है।
मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नाम भी चिन्हित
SIR के दौरान 28,944 मतदाताओं को मृत, जबकि 1,23,749 को अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अन्य श्रेणी में रखा गया। इसके अलावा 5,059 मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। निर्वाचन विभाग के अनुसार, अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में ऐसे लोग शामिल हैं जो दूसरे राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में मतदाता बन चुके हैं, सत्यापन के दौरान नहीं मिले, 14 सितंबर तक अपना गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाए या मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के इच्छुक नहीं थे।
20 अक्टूबर तक दावा और आपत्ति का मौका
मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम छूटने या अन्य त्रुटियों को लेकर 20 सितंबर से 20 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक पात्र मतदाता इस अवधि में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं। आवेदन ERO, AERO या BLO के माध्यम से ऑफलाइन तथा संबंधित निर्वाचन सेवाओं के ऑनलाइन माध्यम से भी किया जा सकता है।
18 नवंबर तक चलेगी नोटिस और दावों की प्रक्रिया
SIR के कार्यक्रम के अनुसार नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 20 सितंबर से 18 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान ERO उन लोगों को नोटिस जारी करेंगे जिनका विवरण 2005 की पिछली SIR मतदाता सूची से लिंक नहीं हो सका या जिनकी मैपिंग में विसंगति मिली है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति सुनवाई के दौरान निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। निर्वाचन विभाग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 22 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। मसौदा सूची में नाम नहीं होने का अर्थ प्रक्रिया का अंतिम परिणाम नहीं है; पात्र मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति के जरिए अपना नाम शामिल कराने का अवसर उपलब्ध है।