नागालैंड के सीएम रियो और डिप्टी सीएम पैटन ने अमित शाह से की मुलाकात

राज्य के मुद्दों पर चर्चा

नागालैंड के सीएम रियो और डिप्टी सीएम पैटन ने अमित शाह से की मुलाकात
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नई दिल्ली/कोहिमा : नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों, विकास प्राथमिकताओं और लोगों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर नागालैंड की विकास संबंधी आकांक्षाओं को तेजी से पूरा करने के लिए उनके हस्तक्षेप और सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने राज्य की प्रगति और विकास के लिए शाह के निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन के प्रति आभार जताया। उपमुख्यमंत्री यानथुंगो पैटन ने भी ‘एक्स’ पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रियो के साथ केंद्रीय गृह मंत्री से नागालैंड से जुड़े मामलों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बातचीत में राज्य की विकास प्राथमिकताओं के साथ-साथ लोगों के कल्याण और उनकी आकांक्षाओं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। पैटन ने नागालैंड के लिए समय देने और लगातार ध्यान बनाए रखने के लिए अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

विधानसभा ने PAP की समीक्षा और वापसी की मांग की

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब नागालैंड विधानसभा ने पिछले सप्ताह सर्वसम्मति से एक सरकारी प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य में लागू प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने और इसे वापस लेने का आग्रह किया था। विधानसभा ने पहले दी गई छूट को भी बहाल करने की मांग की है। 14वीं नागालैंड विधानसभा के 9वें सत्र में पारित इस प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री पैटन ने पेश किया था। पैटन के पास गृह एवं सीमा मामलों का विभाग भी है। प्रस्ताव में नागालैंड के शांतिपूर्ण वातावरण और पर्यटन, संस्कृति, निवेश, उद्यमिता तथा अंतरराष्ट्रीय संपर्क के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख किया गया।

पर्यटन और रोजगार पर विधानसभा का जोर

विधानसभा ने कहा कि पर्यटन, सेवा और रचनात्मक क्षेत्र राज्य में आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उभर रहे हैं। सदन ने यह भी कहा कि नागरिक समाज संगठनों, आदिवासी निकायों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों, उद्यमियों और नागा समाज के विभिन्न वर्गों ने कई बार PAP व्यवस्था को हटाने या इसमें ढील देने की मांग की है। फॉरेनर्स (प्रोटेक्टेड एरियाज) ऑर्डर, 1958 के तहत लागू PAP व्यवस्था के माध्यम से कुछ निर्धारित क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों के प्रवेश को नियंत्रित और सीमित किया जाता है। वर्तमान में नागालैंड के अलावा मणिपुर और मिजोरम में भी यह व्यवस्था लागू है। अमित शाह के साथ रियो और पैटन की ताजा बैठक को राज्य के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय और नागालैंड से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत मुद्दों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

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