मिजोरम के गृह मंत्री ने शहीद असम रेजिमेंट जवान के परिजनों से की मुलाकात


मिजोरम के गृह मंत्री ने शहीद असम रेजिमेंट जवान के परिजनों से की मुलाकात
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आइजोल : मिजोरम के गृह मंत्री के. सपडांगा ने शनिवार को कोलासिब जिले में कथित रोड-रेज की घटना में मारे गए असम रेजिमेंट के जवान जकारिया लालहरियाटलुआंगा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। गृह मंत्री ने न्यू बिलुम गांव स्थित जवान के माता-पिता के घर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। जकारिया की 20 सितंबर को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने मारपीट कर हत्या कर दी थी। घटना उस समय हुई, जब वह छुट्टी पर अपने पैतृक गांव लौट रहे थे। पुलिस ने इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला और दो नाबालिग भी शामिल हैं। मामले की जांच जारी है।

‘यह सिर्फ सरकार की ओर से शोक नहीं’

परिजनों से मुलाकात के दौरान सपडांगा ने घटना को बेहद दुखद और भयावह बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना से मिजोरम के लोग और राज्य सरकार दोनों दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे हैं। गृह मंत्री ने घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई का भी उल्लेख किया और कहा कि पुलिस ने आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ रही है और कानून के तहत जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

असम रेजिमेंट में 2017 में हुए थे शामिल

जकारिया लालहरियाटलुआंगा की उम्र 29 वर्ष बताई गई है। वह 9 असम रेजिमेंट में सेवारत थे और जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। छुट्टी के दौरान वह अपने गांव लौट रहे थे, तभी कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई। इससे पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के दौरान वह अपने एक दोस्त के साथ यात्रा कर रहे थे। परिवार के मुताबिक जकारिया परिवार के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता वीएल डुआइलोवा और मां वृद्ध हैं। परिवार ने घटना के बाद न्याय की मांग की है।

नौ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

कोलासिब के पुलिस अधीक्षक लालरिनपुइया वार्ते के अनुसार मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। वयस्क आरोपियों में से कई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। पुलिस घटना के कारणों और कथित हमले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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