जनता का विश्वास सत्ता में बने रहने की कुंजी : सपडंगा

जनता का विश्वास सत्ता में बने रहने की कुंजी : सपडंगा
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आइजोल : मिजोरम के गृह मंत्री और सत्तारूढ़ जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के नेता के. सपडंगा ने सोमवार को कहा कि पार्टी की एकजुटता, जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और जनता तथा गिरजाघर का निरंतर समर्थन सत्ता में बने रहने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए अभी से संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। आइजोल स्थित जेडपीएम कार्यालय में पार्टी की बैठक को संबोधित करते हुए सपडंगा ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव नवंबर 2028 के आसपास होने की संभावना है और पार्टी के पास तैयारी के लिए करीब दो साल का समय है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस अवधि को गंभीरता से लेने और संगठन की मौजूदा स्थिति का आकलन करने को कहा। 

संगठन मजबूत होगा या जमीन खोएगा, तय करना होगा

सपडंगा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि अगले दो वर्षों में संगठन को किस दिशा में ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह समय यह तय करने का है कि पार्टी अपनी संगठनात्मक ताकत को और मजबूत करेगी या धीरे-धीरे अपनी जमीन खो देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की सफलता केवल नेताओं के बयानों से तय नहीं होगी, बल्कि कार्यकर्ताओं के जमीनी काम और जनता के बीच पार्टी की छवि से इसका आकलन होगा। सपडंगा ने कहा, “पार्टी नेता और कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण हैं। हमारा प्रदर्शन हमारे कथनी और करनी में दिखाई देगा। लेकिन जनता ही हमें अंक देगी।”

2023 की जीत में जमीनी लामबंदी की भूमिका

गृह मंत्री ने 2023 के विधानसभा चुनाव में जेडपीएम की जीत के कारणों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की चुनावी सफलता के पीछे व्यापक राजनीतिक और चुनावी प्रशिक्षण, जमीनी स्तर पर लामबंदी तथा संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पार्टी मुख्यालय, ब्लॉक और स्थानीय इकाइयों के साथ-साथ महिला एवं युवा मोर्चों के बीच एकजुटता को भी चुनावी जीत का प्रमुख आधार बताया। 

कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश

सपडंगा ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संगठन के सभी स्तरों के बीच समन्वय बनाए रखने और जनता के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय कार्यकर्ताओं को पूरे कार्यकाल के दौरान लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए सरकार के कामकाज और पार्टी संगठन दोनों को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना होगा। गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जेडपीएम के लिए संगठनात्मक एकजुटता और जमीनी पकड़ बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अगले दो वर्षों को पार्टी के भविष्य की तैयारी के लिए निर्णायक अवधि के रूप में लेने का आग्रह किया।

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