

आइजोल : मिजोरम के बक्तावंग गांव का चाना परिवार अपने विशाल संयुक्त परिवार और करीब 100 कमरों वाले घर के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है। परिवार के मुखिया जियोना चाना के जीवनकाल में यहां 39 पत्नियों, 94 बच्चों, बहुओं और पोते-पोतियों समेत करीब 200 सदस्य एक ही परिसर में रहते थे। चार मंजिला इस विशाल घर में परिवार के अलग-अलग सदस्यों के लिए रहने और घरेलू कामकाज की बाकायदा व्यवस्था की गई थी।
धार्मिक समुदाय से हुई शुरुआत
चाना परिवार की कहानी मिजोरम में एक धार्मिक समुदाय के गठन से जुड़ी है। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, 1942 में खुआंगतुआहा (Khuangtuaha) ने Lalpa Kohhran Thar नामक धार्मिक समुदाय की स्थापना की थी। बाद में उनके निधन के बाद 1997 में जियोना चाना इस समुदाय के प्रमुख बने। उन्हें समुदाय में ‘Hotupa’ यानी नेता के रूप में जाना जाता था। उनके नेतृत्व में समुदाय और परिवार का विस्तार हुआ। जियोना चाना का 2021 में निधन हो गया। उनके निधन के बाद भी परिवार के सदस्यों के बीच सामूहिक जीवन की परंपरा जारी रहने की बात सामने आती रही है।
100 कमरों वाला चार मंजिला मकान
बक्तावंग की पहाड़ियों के बीच स्थित चाना परिवार का विशाल मकान ‘चुआन थार रन’ (Chhuan Thar Run) के नाम से जाना जाता है। चार मंजिला इस इमारत में करीब 100 कमरे बताए जाते हैं। परिवार के इतने बड़े आकार के कारण यह सामान्य घर के बजाय किसी छात्रावास या छोटे होटल जैसा दिखाई देता है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए अलग अतिथि व्यवस्था भी की गई है। विशाल मकान और परिवार की जीवनशैली ने इसे मिजोरम में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया।
एक ही छत के नीचे बड़ी आबादी
इतने बड़े परिवार को एक साथ रखने के लिए घर के भीतर रहने और दैनिक कामकाज की व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में की गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार की उम्रदराज पत्नियां घर के ऊपरी हिस्सों में रहती थीं, जबकि कुछ युवा पत्नियों के लिए निचली मंजिलों पर व्यवस्था थी। परिवार में भोजन तैयार करने से लेकर घर के दूसरे कामों तक जिम्मेदारियां बांटी जाती थीं। विशाल रसोई में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता था।
परिवार बना पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
चाना परिवार का विशाल घर बक्तावंग आने वाले पर्यटकों के लिए लंबे समय से आकर्षण का विषय रहा है। एक ही परिवार के इतने बड़े आकार और एक साथ रहने की व्यवस्था ने इसे मिजोरम की अनूठी पहचान से जोड़ दिया। हालांकि, परिवार के सदस्यों की संख्या और इससे जुड़े कई आंकड़े अलग-अलग समय की मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग मिलते हैं। इसलिए 39 पत्नियों और करीब 200 सदस्यों का आंकड़ा उस दौर के उपलब्ध विवरणों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि वर्तमान समय की निश्चित जनगणना के रूप में।