

आइजोल : मिजोरम के कोलासिब जिले में बुआलपुई गांव के पास असम रेजिमेंट के 29 वर्षीय जवान ज़कारिया लालहरियातलुंगा की कथित पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को जिला किशोर न्याय बोर्ड की निगरानी में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजकर कोलासिब जिला जेल एवं सुधार केंद्र में रखा गया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ज़ोरमथांगी (38), इमैनुएल लालछानहिमा (27), लालहुंडिका (29), लालनुनफिमा (26), डेविड रेमरुआतपुइया (18) और मालसावमतलुंगा (24) के रूप में हुई है। सभी कोलासिब जिले के कावनपुई शहर के हमार वेंग इलाके के रहने वाले हैं। दो अन्य आरोपी नाबालिग हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें न तो पुलिस हिरासत में रखा गया है और न ही न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्हें जिला किशोर न्याय बोर्ड की देखरेख में रखा गया है। आरोपियों के खिलाफ कावनपुई थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1), 115 और 3(6) तथा मिजोरम शराब निषेध अधिनियम, 2019 की धारा 6(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छुट्टी पर घर लौट रहा था जवान
ज़कारिया लालहरियातलुंगा असम रेजिमेंट में तैनात थे और उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी। वह छुट्टी पर अपने पैतृक गांव न्यू बुइलुम लौट रहे थे। 20 सितंबर को वह आइजोल के पास लेंगपुई हवाई अड्डे पहुंचे थे। उन्हें लेने उनके दोस्त जॉन लालतानपुइया ट्रक लेकर हवाई अड्डे पहुंचे थे। इसके बाद दोनों ट्रक से न्यू बुइलुम की ओर रवाना हुए थे। पुलिस के अनुसार, घटना नेशनल हाईवे-306 पर बुआलपुई गांव के पास कॉफी बोर्ड के बागान के नजदीक हुई। सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था और वहां दो ट्रकों को एक-दूसरे के बगल से निकलने में कथित तौर पर परेशानी हुई। इसके बाद दोनों वाहनों के चालकों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान कावनपुई की ओर से आए युवकों का एक समूह वहां पहुंचा और जॉन लालतानपुइया के साथ मारपीट करने लगा। अपने दोस्त को बचाने के लिए ज़कारिया ने बीच-बचाव किया। इस दौरान उन पर भी हमला किया गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। बाद में उनकी मौत हो गई। उनके दोस्त को भी चोटें आईं, हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई गई। पुलिस ने इस मामले में कुल आठ लोगों को पकड़ा था, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। जांच के बाद छह वयस्क आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि नाबालिगों को किशोर न्याय व्यवस्था के तहत रखा गया है।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद जवान का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया। सोमवार को न्यू बुइलुम में उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मामले में गैर-इरादतन हत्या, जो हत्या के बराबर है, जान-बूझकर चोट पहुंचाने और सामूहिक दायित्व से संबंधित धाराओं के साथ राज्य के शराब निषेध कानून की धाराएं लगाई हैं। ज़कारिया के परिवार ने उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। उनकी 60 वर्षीय मां लालथाज़ोवी ने बताया कि उनका बेटा वर्ष 2017 में असम रेजिमेंट में शामिल हुआ था और श्रीनगर में तैनात रहा था। वह पांच भाई-बहनों में दूसरे सबसे छोटे थे और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी मां और 70 वर्ष से अधिक उम्र के पिता वी.एल. दुआइलोवा, जो पूर्व पादरी रह चुके हैं, उम्र के कारण अब काम करने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार के अनुसार, ज़कारिया ही घर के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे। उनके छोटे भाई स्टीफन लालरिंगहेटा परिवार की मदद के लिए दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि उनके दो बड़े भाइयों और बहन के अपने-अपने परिवार हैं। ज़कारिया की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। उनकी मां ने घटना की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है।