मिजोरम में करीब 40 हजार उद्यम रजिस्टर्ड

स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार की तैयारी
मिजोरम में करीब 40 हजार उद्यम रजिस्टर्ड
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आइजोल : मिजोरम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का आधार लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जुलाई तक राज्य में उद्यम रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत 39,797 उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य में छोटे और मध्यम कारोबार के विस्तार को दर्शाता है। ‘उद्यम’ भारत सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए MSME को पंजीकृत और औपचारिक रूप से मान्यता दी जाती है। राज्य सरकार अब स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को मिजोरम से बाहर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी कई कदम उठा रही है। इसी दिशा में MadebyMizo.com नाम से एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इसे मिजोरम में निर्मित उत्पादों के लिए विशेष मार्केटप्लेस के तौर पर तैयार किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने के लिए नई दिल्ली में कियोस्क भी स्थापित किए गए हैं। इससे राज्य के स्थानीय उद्यमियों को देश के अन्य हिस्सों के ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बांस आधारित उद्योग पर जोर

मिजोरम के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों में शामिल बांस के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर भी सरकार का विशेष जोर है। अधिकारियों के अनुसार, बांस से अगरबत्ती और धूपबत्ती जैसे उत्पाद तैयार करने और उनके विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में बांस संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आइजोल के पास सैरांग और सेरछिप जिले के छिंगछिप में बांस ब्रिकेट चारकोल का उत्पादन और मार्केटिंग की जा रही है। इस साल खावजावल में वैज्ञानिक तरीके से ‘हेक्सागोनल हनीकॉम्ब टेरेसिंग’ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए फुनकिरुआ (T. oliveri) के पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

बांस टेक्नोलॉजी पार्क में सुविधाओं का विस्तार

सैरांग स्थित बांस टेक्नोलॉजी पार्क में गोल बांस की छड़ें और टूथपिक तैयार करने की सुविधा विकसित करने का काम चल रहा है। वहीं, बांस से बने उत्पादों की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए आइजोल के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित जुआंगतुई इंडस्ट्रियल एस्टेट में केमिकल ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय उद्यमों को मजबूत करना, राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर आर्थिक उपयोग करना, बांस जैसे स्थानीय उत्पादों में मूल्यवर्धन बढ़ाना और ‘Made in Mizoram’ उत्पादों के लिए राज्य के बाहर बड़े बाजार तैयार करना है। राज्य सरकार का मानना है कि MSME और स्थानीय संसाधन आधारित उद्योगों के विस्तार से रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ मिजोरम की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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