

शिलांग : राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेघालय के री-भोई जिले में पैंगोलिन के करीब 14.68 किलोग्राम सूखे शल्क जब्त किए हैं। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, डीआरआई की टीम ने सात सितंबर को असम-मेघालय सीमा के पास री-भोई जिले में मावती की ओर जा रहे एक वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में रखे तीन बैगों में पैंगोलिन के शल्क छिपाकर रखे जाने का पता चला।
वाहन समेत दो आरोपी पकड़े गए
जांच के दौरान अधिकारियों ने पैंगोलिन के शल्क बरामद करने के साथ वाहन में सवार दो लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। जब्त किए गए शल्क, वाहन और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए नोंगपोह के रेंज वन अधिकारी को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मामले में जब्त किए गए वन्यजीव उत्पाद के स्रोत और इसकी तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
अनुसूची-I में संरक्षित है पैंगोलिन
पैंगोलिन को भारत में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अनुसूची-I में रखा गया है। इसके अलावा यह प्रजाति वन्यजीव एवं वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधी समझौते (CITES) के परिशिष्ट-I में भी सूचीबद्ध है। अधिकारियों के अनुसार, पैंगोलिन के शल्क दुनिया में सबसे अधिक अवैध रूप से तस्करी किए जाने वाले वन्यजीव उत्पादों में शामिल हैं। एशिया के कुछ हिस्सों में इनका अवैध कारोबार किया जाता है और पारंपरिक चिकित्सा में इनके इस्तेमाल का दावा किया जाता है। डीआरआई और वन विभाग की इस कार्रवाई को वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने तथा संरक्षित प्रजातियों के अवैध व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।