मेघालय में HIV प्रसार राष्ट्रीय औसत से दोगुना, सामूहिक प्रयास पर जोर

नागरिक समाज समेत सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा : के संगमा
मेघालय में HIV प्रसार राष्ट्रीय औसत से दोगुना, सामूहिक प्रयास पर जोर
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शिलांग : मेघालय में HIV संक्रमण की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने जांच, उपचार और रोकथाम की रणनीति को और मजबूत करने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में HIV का प्रसार 0.40 प्रतिशत है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत का दोगुना है। उन्होंने कहा कि HIV/AIDS की चुनौती से निपटने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि सरकार, शिक्षण संस्थानों, समुदायों और नागरिक समाज समेत सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने शिलांग स्थित सचिवालय में मेघालय स्टेट काउंसिल ऑन एड्स की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में HIV की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। बैठक में उपचार तक पहुंच, मरीजों को नियमित रूप से इलाज से जोड़े रखने, नए संक्रमणों की रोकथाम और HIV से जुड़े सामाजिक भेदभाव को कम करने पर विशेष चर्चा हुई।

9,244 लोग HIV के साथ जी रहे

राष्ट्रीय HIV अनुमान रिपोर्ट 2025 के अनुसार मेघालय में HIV के साथ जी रहे लोगों की अनुमानित संख्या 9,244 है। राज्य सरकार ने अगस्त में जारी अपने अपडेट आंकड़ों में भी इसी संख्या को इस्तेमाल करने की अपील की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में 7,746 लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) ले रहे हैं। यानी उपचार तक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ उन लोगों को नियमित उपचार से जोड़कर रखना भी सरकार की प्राथमिकता है, जिनका HIV परीक्षण पॉजिटिव आया है। संगमा ने कहा कि मौजूदा चुनौती केवल अधिक लोगों की जांच करने तक सीमित नहीं है। जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, उन्हें जल्द से जल्द उपचार से जोड़ना और इलाज नियमित रूप से जारी रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अप्रैल-जून के बीच 618 नए मामले

मुख्यमंत्री ने बताया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच राज्य में HIV के 618 नए मामले सामने आए। इनमें 60 गर्भवती महिलाएं शामिल थीं। यह स्थिति गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, उपचार और मां से बच्चे में संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को रेखांकित करती है। संगमा के मुताबिक, 2010 के बाद से राज्य में नए HIV संक्रमणों में 58.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और औसतन करीब सात नए मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। दूसरी ओर, इसी अवधि में AIDS से संबंधित मौतों में 61.18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

इलाज से मरीजों को जोड़े रखना बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक परेशानियां और HIV को लेकर सामाजिक कलंक कई मरीजों के इलाज से दूर होने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2,381 ऐसे लोग हैं जिनमें HIV की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी उपचार शुरू नहीं किया है। सरकार का जोर अब ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने और इलाज बीच में छोड़ने की समस्या को कम करने पर है। इसके लिए मरीजों की नियमित निगरानी और फॉलो-अप व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर चर्चा हुई।

पांच क्षेत्रों पर केंद्रित होगी रणनीति

बैठक में राज्य की HIV प्रतिक्रिया के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इनमें जल्द जांच और पहचान, बेहतर उपचार एवं उपचार जारी रखने की व्यवस्था, नए संक्रमणों की रोकथाम, माताओं और बच्चों की सुरक्षा तथा HIV से जुड़े सामाजिक भेदभाव को कम करना शामिल है। इसके तहत HIV सेल्फ-टेस्टिंग और इंडेक्स पार्टनर टेस्टिंग को बढ़ावा देने, मोबाइल इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (ICTC) तैनात करने तथा अतिरिक्त ART सेंटर स्थापित करने पर विचार किया गया है।

घर तक दवा पहुंचाने और मिस्ड अपॉइंटमेंट पर नजर

सरकार HIV मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी की सुविधा बढ़ाने और नियमित अपॉइंटमेंट पर नहीं पहुंचने वाले मरीजों की पहचान कर उनसे संपर्क करने की व्यवस्था मजबूत करने पर भी काम करेगी। इसका उद्देश्य इलाज में निरंतरता बनाए रखना और मरीजों के फॉलो-अप में होने वाली कमी को कम करना है। इसके अलावा, युवाओं, समुदायों, शिक्षण संस्थानों और HIV के साथ जी रहे लोगों को जागरूकता अभियानों में शामिल करने की योजना है। अगस्त में मेघालय सरकार ने भी HIV जागरूकता अभियान को स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए स्कूलों, कॉलेजों, स्थानीय समुदायों, नागरिक समाज संगठनों, स्वास्थ्यकर्मियों, अभिभावकों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया था।

भेदभाव कम करने पर भी जोर

HIV से जुड़े सामाजिक भेदभाव को कम करना सरकार की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि HIV के साथ जी रहे लोगों को उपचार के साथ सम्मानजनक सामाजिक वातावरण भी मिलना चाहिए। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों को राज्य के विभिन्न समुदायों और संस्थानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। मेघालय एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने भी स्पष्ट किया है कि HIV/AIDS से निपटने की जिम्मेदारी केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं हो सकती। इसके लिए शिक्षण संस्थानों, स्थानीय समुदायों, नागरिक समाज संगठनों, स्वास्थ्यकर्मियों, अभिभावकों, शिक्षकों और युवाओं की भागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों, स्वास्थ्य संस्थानों, समुदायों और नागरिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की अपील करते हुए कहा कि राज्य में HIV/AIDS की चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

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