

इंफाल : मणिपुर सरकार ने विधानसभा में राज्य में अवैध प्रवासियों को लेकर अहम आंकड़े पेश किए हैं। गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने सोमवार को बताया कि राज्य में कुल 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 14,992 लोग म्यांमा लौट चुके हैं, जबकि 9,453 लोग अभी भी मणिपुर में मौजूद हैं और उन्हें सीमावर्ती जिलों में बनाए गए अस्थायी शिविरों में रखा गया है। हालांकि, गृह मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन अवैध प्रवासियों की पहचान किस अवधि के दौरान की गई। गृह मंत्री ने कांग्रेस विधायक टी. लोकेश्वर सिंह के सवाल के जवाब में विधानसभा को बताया कि अवैध प्रवासियों की पहचान मुख्य रूप से राज्य के तीन सीमावर्ती जिलों में की गई है।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार :
- चंदेल: 14,370 अवैध प्रवासियों की पहचान हुई, जिनमें से 9,600 म्यांमा लौट चुके हैं और 4,770 अभी जिले में हैं।
- कामजोंग: 6,545 लोगों की पहचान हुई। इनमें से 5,378 म्यांमा लौट चुके हैं, जबकि 1,167 अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं।
- तेंगनौपाल: 3,560 लोगों की पहचान की गई। इनमें से केवल 14 म्यांमा लौटे हैं, जबकि 3,546 अभी जिले में मौजूद हैं।
इस तरह चंदेल जिले में सबसे अधिक 14,370 लोगों की पहचान की गई है, जबकि तेंगनौपाल में म्यांमा लौटने वालों की संख्या सबसे कम है।
9,453 लोग अभी भी मणिपुर में
कोंथौजाम के मुताबिक, राज्य में पहचाने गए कुल 24,475 लोगों में से 14,992 म्यांमा लौट चुके हैं। शेष 9,453 लोग अभी भी राज्य में हैं और उन्हें अस्थायी शिविरों में रखा गया है। इन आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अभी मौजूद लोगों में सबसे बड़ी संख्या तेंगनौपाल जिले की है, जहां 3,546 लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। इसके बाद चंदेल में 4,770 और कामजोंग में 1,167 लोग मौजूद हैं। गृह मंत्री ने बताया कि चंदेल जिले में मौजूद 4,770 लोगों में से 1,308 लोगों के बायोमेट्रिक विवरण एकत्र किए जा चुके हैं। सरकार की ओर से इन लोगों की पहचान और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। बायोमेट्रिक विवरण जुटाने से सरकार को अस्थायी शिविरों में रह रहे लोगों की पहचान, रिकॉर्ड और उनकी स्थिति की निगरानी में मदद मिल सकती है।
भारत-म्यांमा सीमा से जुड़े जिलों पर विशेष नजर
मणिपुर की करीब 398 किलोमीटर लंबी सीमा म्यांमा से लगती है। राज्य के कामजोंग, तेंगनौपाल और चंदेल जैसे जिले सीमा के नजदीक हैं। म्यांमा में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण वहां से लोगों के मणिपुर में आने का मुद्दा राज्य में संवेदनशील बना हुआ है। राज्य सरकार अवैध प्रवासन को लेकर समय-समय पर सीमा क्षेत्रों में निगरानी, पहचान और बायोमेट्रिक पंजीकरण जैसी प्रक्रियाएं चलाती रही है। विधानसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने अवैध प्रवासियों की कुल संख्या और जिलावार आंकड़े तो बताए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि 24,475 लोगों की पहचान कब से कब तक की गई। ऐसे में इन आंकड़ों की समयावधि को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सरकार के अनुसार, फिलहाल 9,453 लोग राज्य में मौजूद हैं और उन्हें अस्थायी शिविरों में रखा गया है। आगे इन लोगों की पहचान, दस्तावेजों की जांच और म्यांमा वापसी से जुड़ी प्रक्रिया पर सरकार की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।