हिंसा को शांति की राह में बाधा नहीं बनने देंगे: गृह मंत्री

हिंसा को शांति की राह में बाधा नहीं बनने देंगे: गृह मंत्री
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इंफाल : मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों के बीच हिंसा की किसी भी घटना को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री का यह बयान रविवार को राज्य के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए अलग-अलग हमलों में चार लोगों की मौत के एक दिन बाद आया है। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन घटनाओं ने राज्य में जारी शांति प्रयासों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

टोल्लेन कुकी गांव की घटना से व्यथित

कोंथौजम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में टोल्लेन कुकी गांव में हुई घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से वह ‘‘बेहद व्यथित’’ हैं। जानकारी के अनुसार, हमले में लिंगनगाई सिंगसिट नामक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति सेइनैह सिंगसिट और उनका नवजात बेटा घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल सेइनैह को इलाज के लिए पड़ोसी राज्य असम के सिलचर ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। गृह मंत्री ने कहा कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा। 

जिम्मेदार लोगों की पहचान के निर्देश 

कोंथौजम ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना के सभी तथ्यों का पता लगाने, हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कानून को बिना किसी भय या पक्षपात के अपना काम करने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के साथ-साथ शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। 

‘ब्लैक डे’ पर हुआ हमला 

रविवार को हुई ये हत्याएं कुकी समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले ‘साहनित नी’ या ‘ब्लैक डे’ के दिन हुईं। कुकी समुदाय हर वर्ष 13 सितंबर को 1990 के दशक में मणिपुर में हुए कुकी-नगा जातीय संघर्ष के पीड़ितों की याद में यह दिवस मनाता है। ऐसे समय में हुई हिंसक घटनाओं ने राज्य में पहले से संवेदनशील जातीय परिस्थितियों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच गृह मंत्री ने हिंसा के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संदेश दिया है। 

लॉन्गपी गांव में भी दो लोगों की हत्या 

एक अन्य घटना में रविवार अपराह्न करीब 3.30 बजे हथियारबंद उग्रवादियों ने नोन्गबा थाने के अंतर्गत आने वाले लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन हमलों की परिस्थितियों तथा इसमें शामिल लोगों का पता लगाने में जुटे हैं। गृह मंत्री ने दोहराया कि सरकार हिंसा के दबाव में शांति बहाली के प्रयासों को रुकने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि कानून का शासन कायम रहेगा, न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और मणिपुर में शांति की रक्षा की जाएगी।

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