

इंफाल : मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य में जारी चुनौतियों के बीच संवाद और सामूहिक प्रयासों के जरिए समस्याओं के समाधान की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए बातचीत के लिए तैयार है और बंद तथा नाकेबंदी जैसी गतिविधियों से आम लोगों और राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है। 22 सितंबर को इंफाल पश्चिम जिला प्रशासन की ओर से खॉयाथोंग मल्टीपर्पज कम्युनिटी हॉल में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 मई 2023 से शुरू हुए संकट के बाद पिछले तीन वर्षों में मणिपुर को करीब 1,300 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। उन्होंने बताया कि अकेले वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य के जीएसटी संग्रह में करीब 475 करोड़ रुपये की कमी आई थी। इससे पहले 16 सितंबर को भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि 2023 से 2026 के बीच संघर्ष के कारण राज्य को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के जीएसटी राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा है। उस दौरान उन्होंने बंद और नाकेबंदी से आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया था।
बंद-नाकेबंदी से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों और विभिन्न संगठनों से बंद तथा नाकेबंदी के बजाय अपनी समस्याएं स्थानीय विधायकों और सरकार के समक्ष रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं और समस्याओं का समाधान चर्चा के माध्यम से किया जा सकता है। खेमचंद सिंह ने कहा कि बंद और नाकेबंदी का सबसे अधिक असर दैनिक मजदूरी पर निर्भर लोगों और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। इससे पहले भी वह नागरिक संगठनों और अन्य हितधारकों से सामान्य हड़ताल तथा बंद से बचने की अपील कर चुके हैं।
एकता के साथ अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण पर जोर
मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों के बीच एकता और सहयोग को राज्य के आर्थिक पुनर्निर्माण से जोड़ते हुए लोगों से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न समुदायों की एकता और साझा पहचान ने वहां आर्थिक विकास में भूमिका निभाई। उन्होंने मणिपुर में भी लोगों से आपसी सहयोग के साथ अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करने और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
जनकल्याण योजनाओं की जमीनी समीक्षा
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के अंतिम छोर तक क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 30 से अधिक स्टॉल और सेवा काउंटरों का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे बातचीत के जरिए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मौजूद कमियों की पहचान की जा सकती है और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने हाल के महीनों में भी शांति, सामान्य स्थिति और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली के लिए संवाद तथा सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया है।