

इंफाल : जनगणना शुरू होने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर ‘कैम्पेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (JFD) द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के राज्यव्यापी बंद से मंगलवार को मणिपुर के कम से कम पांच घाटी जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। बंद के कारण बाजार और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे, शैक्षणिक संस्थानों में ताले लटके रहे तथा सार्वजनिक परिवहन सड़कों से लगभग नदारद रहा। इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही दिखाई दी। हालांकि, कुछ निजी वाहन चलते नजर आए। थौबल जिले के याइरीपोक में बंद समर्थकों ने सड़कों पर बांस के खंभे लगाकर यातायात बाधित किया।
जनगणना टलने के बावजूद बंद जारी
केंद्र सरकार ने सोमवार को नागरिक समाज संगठनों की मांग को ध्यान में रखते हुए मणिपुर में जनगणना प्रक्रिया को टालने का फैसला किया था। राज्य में जनगणना की प्रक्रिया मंगलवार, 1 सितंबर से शुरू होनी थी। केंद्र के इस फैसले के बाद राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने JFD से बंद वापस लेने की अपील भी की थी। हालांकि, JFD ने बंद वापस लेने से इनकार कर दिया। संगठन का कहना है कि केवल जनगणना टालना उसकी मांग का समाधान नहीं है। वह जनगणना से पहले NRC अपडेट किए जाने को लेकर सरकार से स्पष्ट और आधिकारिक आश्वासन चाहता है। संगठन ने सोमवार देर रात कहा कि जब तक इस संबंध में ठोस आदेश सामने नहीं आता, तब तक पूर्व घोषित बंद जारी रहेगा।
अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, सोमवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद राज्य में जनगणना प्रक्रिया को टालने का निर्णय लिया गया। मणिपुर उच्च न्यायालय ने भी जनगणना के तहत होने वाली हाउस-लिस्टिंग प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का निर्देश दिया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार ने अदालत के समक्ष प्रक्रिया शुरू नहीं करने की बात कही है।
NRC को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन
मणिपुर में जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की मांग पिछले कुछ समय से लगातार जोर पकड़ रही है। प्रदर्शनकारी संगठनों का तर्क है कि जनसंख्या के वास्तविक आंकड़े तैयार करने और भविष्य में परिसीमन की प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए पहले नागरिकों की पहचान और NRC से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। इस मांग को लेकर राज्य में पहले भी रैलियां और विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। वहीं, राज्य के कुकी संगठनों ने जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की मांग का विरोध किया है और इसे समय से पहले उठाया गया मुद्दा बताया है। इससे जनगणना और नागरिकता संबंधी प्रक्रिया को लेकर मणिपुर में विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।