

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के संतुलित विकास के लिए अगले पांच वर्षों में चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे, जिन्हें ‘नमो सिटीज’ के नाम से जाना जाएगा। इन शहरों के विकास पर करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। योजना के तहत दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक-एक नया आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा। इन शहरों का उद्देश्य राजधानी दिल्ली पर बढ़ रहे जनसंख्या और संसाधनों के दबाव को कम करना है।
सरकार इन नए शहरों को पूरी तरह आधुनिक और स्मार्ट सुविधाओं से लैस करेगी। प्रस्तावित शहरों में....
अत्याधुनिक सड़क नेटवर्क
बेहतर आवासीय सुविधाएं
कारोबारी और औद्योगिक हब
हरित क्षेत्र और पर्यावरण अनुकूल विकास
मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था
रैपिड रेल और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इन शहरों के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक फंड निर्धारित किया है। राज्य सरकारें अपने-अपने प्रस्ताव एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेजेंगी, जिसके बाद मंजूरी और विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, एनसीआर की शहरी आबादी 2031 तक 57 प्रतिशत और 2041 तक 67 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौजूदा शहरों पर दबाव कम करने और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए नए शहरों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
योजना का एक प्रमुख लक्ष्य एनसीआर के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय को घटाकर करीब 30 मिनट तक लाना है। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क और रैपिड रेल परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।
नमो सिटीज के निर्माण से रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही घरेलू और विदेशी निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यदि योजना तय समयसीमा के भीतर लागू होती है तो एनसीआर के लोगों को बेहतर आवास, कम ट्रैफिक, बेहतर कनेक्टिविटी और नए रोजगार अवसरों का लाभ मिलेगा।