

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण अंडमान जिला पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मादक पदार्थों और अवैध शराब की बिक्री तथा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक और केंद्रित अभियान चलाया है। दक्षिण अंडमान की पुलिस अधीक्षक श्वेता के. सुगाथन ने शनिवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस द्वारा पिछले 60 दिनों के दौरान की गई कार्रवाई में मादक पदार्थों से संबंधित 15 मामले एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल 1.05257 किलोग्राम मेथ, 523.75 ग्राम चरस और 7.77355 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। इन मामलों में कुल 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अवैध शराब की बिक्री और वितरण के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए 62 आबकारी मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 360.305 लीटर आईएमएफएल तथा 58 किलोग्राम हांडिया जब्त की गई और अवैध शराब की बिक्री एवं वितरण में संलिप्त 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी मादक पदार्थों और अवैध शराब को मौके पर ही निर्धारित कानूनी एवं प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं का पालन करते हुए कब्जे में लिया गया। संबंधित पुलिस थानों में एनडीपीएस अधिनियम और आबकारी विनियमन अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। जिला पुलिस द्वारा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दक्षिण अंडमान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें से 23 कार्यक्रम विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 3,672 विद्यार्थियों और 161 शिक्षकों को शामिल किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को मादक पदार्थों के सेवन, शराब की लत और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के हानिकारक प्रभावों के बारे में संवेदनशील और जागरूक बनाना था। इसके अलावा विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे लगभग 1,300 आम नागरिक लाभान्वित हुए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन के प्रतिकूल परिणामों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ नशे से संबंधित गतिविधियों की रोकथाम में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। जिला पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान को मजबूत किया है। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम के संबंधित प्रावधानों की जानकारी देने, साथियों के दबाव का विरोध करने, सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ जीवन से जुड़े निर्णय लेने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के महत्व पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से मादक पदार्थों अथवा शराब की अवैध बिक्री, भंडारण या परिवहन से संबंधित किसी भी विश्वसनीय जानकारी को पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया है। पुलिस ने कहा है कि सूचना देने वाले व्यक्तियों को उचित रूप से पुरस्कृत किया जाएगा और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।