

गुवाहाटी : महान गायिका लता मंगेशकर की जयंती पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके असम से जुड़े संगीत संबंध को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूपेन हजारिका की फिल्म के लिए मंगेशकर द्वारा गाया गया पहला असमिया गीत ‘जोनाकोरे राति, असोमिरे माटी’ असम की संगीत स्मृति का स्थायी हिस्सा बन चुका है। हिमंत शर्मा ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस गीत का लिंक साझा करते हुए लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने कहा कि यह गीत महान गायिका और असम के प्रख्यात संगीतकार एवं गायक डॉ. भूपेन हजारिका के बीच दशकों तक चले संगीत संबंध की शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव था।
1956 में फिल्म के लिए गाया था गीत
मुख्यमंत्री के अनुसार, लता मंगेशकर ने ‘जोनाकोरे राति, असोमिरे माटी’ गीत को 1956 में भूपेन हजारिका की फिल्म ‘एरा बाटोर सूर’ के लिए गाया था। इस गीत ने असमिया संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई और लता मंगेशकर की आवाज को असम की सांस्कृतिक स्मृति से जोड़ दिया। शर्मा ने कहा कि लता मंगेशकर और भूपेन हजारिका का संगीत संबंध इसके बाद भी कई दशकों तक कायम रहा। दोनों कलाकारों ने अपनी संगीत प्रतिभा के माध्यम से असम और देश के अन्य हिस्सों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत किया।
‘आई’ शब्द को बताया था सांस्कृतिक सेतु
मुख्यमंत्री ने लता मंगेशकर की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने ‘आई’ शब्द की समानता की ओर ध्यान दिलाया था। ‘आई’ का अर्थ मराठी और असमिया दोनों भाषाओं में मां होता है। शर्मा के अनुसार, लता मंगेशकर ने इसे प्रेम और मातृत्व की ऐसी साझा अभिव्यक्ति बताया था, जो दोनों संस्कृतियों को आपस में जोड़ती है। इस समानता को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत और भाषा ने महाराष्ट्र तथा असम की सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भूपेन हजारिका की जन्मशती के बीच स्मरण
असम इस समय भूपेन हजारिका की जन्मशती से जुड़े आयोजनों और स्मरण कार्यक्रमों के दौर से गुजर रहा है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने लता मंगेशकर और भूपेन हजारिका के संगीत संबंध को विशेष रूप से याद किया। शर्मा ने कहा कि दोनों महान संगीत हस्तियों की आवाज ने असम और महाराष्ट्र के बीच ऐसा सांस्कृतिक सेतु बनाया, जो हमेशा कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर का असमिया गीत और हजारिका के साथ उनका लंबा संगीत संबंध दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लता मंगेशकर ने भारतीय संगीत को कई भाषाओं में अपनी आवाज दी और असमिया गीत के माध्यम से भी उन्होंने राज्य के श्रोताओं के बीच विशेष स्थान बनाया। वहीं, भूपेन हजारिका ने असमिया संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों कलाकारों का यह जुड़ाव असम की संगीत परंपरा में आज भी याद किया जाता है।