

दीमापुर : नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने शुक्रवार को कोहिमा स्थित लोक भवन में कोहिमा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पूरी की गई और संचालित परियोजनाओं की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान कोहिमा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (KSCDL) के अधिकारियों ने राज्यपाल को मिशन की उपलब्धियों, प्रमुख शहरी ढांचागत परियोजनाओं और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के कामकाज की जानकारी दी।
40 परियोजनाएं पूरी
अधिकारियों ने बताया कि कोहिमा को 20 सितंबर 2016 को केंद्र के स्मार्ट सिटीज मिशन के लिए चुना गया था। इसके बाद मार्च 2017 में KSCDL को एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में गठित किया गया। स्मार्ट सिटीज मिशन की निर्धारित अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गई। मिशन के तहत 34 स्वीकृत परियोजनाएं पूरी की गईं, जबकि छह अतिरिक्त परियोजनाओं को भी पूरा किया गया। इस तरह कुल 40 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
शहर में विकसित हुईं कई सुविधाएं
प्रेजेंटेशन के दौरान KSCDL के तहत विकसित प्रमुख शहरी बुनियादी ढांचे की जानकारी राज्यपाल को दी गई। इनमें कोहिमा सिटी सेंटर, होटल बिल्डिंग, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कोहिमा लोकल ग्राउंड, कैपिटल कल्चरल हॉल और कम्युनिटी हॉल शामिल हैं। इसके अलावा शहर में सुगम आवाजाही के लिए सुलभ फुटपाथ तथा विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं का फोकस शहरी सुविधाओं, मोबिलिटी, स्मार्ट सेवाओं, सार्वजनिक स्थलों और सिटी सेंटर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहा है।
ICCC से 24 घंटे निगरानी
समीक्षा बैठक में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के कामकाज पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र को पूरा कर चालू कर दिया गया है। यह प्रणाली कोहिमा में 24 घंटे CCTV निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) आधारित वाहन निगरानी और सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित सेवाओं में सहायता करती है। ICCC पुलिस समन्वय और जांच में निगरानी संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराता है। वर्तमान में कोहिमा के 80 स्थानों पर CCTV निगरानी की सुविधा उपलब्ध है। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच ऐसे मामलों में 76.47 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की गई, जिनकी जांच में ICCC से प्राप्त निगरानी डेटा ने मदद की।
मिशन के बाद KSCDL की भूमिका पर विचार
राज्यपाल को स्मार्ट सिटीज मिशन की अवधि समाप्त होने के बाद KSCDL की संस्थागत व्यवस्था और भविष्य की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मिशन के तहत तैयार की गई कई राजस्व अर्जित करने वाली शहरी संपत्तियां फिलहाल संचालित हैं। इनसे प्राप्त राजस्व का उद्देश्य अतिरिक्त सार्वजनिक सुविधाओं और सेवाओं के संचालन में सहायता करना है।
मिशन की समाप्ति के बावजूद KSCDL को SPV के रूप में जारी रखने और भविष्य में इसकी भूमिका क्या होगी, इस पर राज्य सरकार विचार कर रही है। राज्यपाल की समीक्षा ऐसे समय हुई है जब स्मार्ट सिटी मिशन की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है और कोहिमा में इसके तहत तैयार परिसंपत्तियों के संचालन, रखरखाव तथा भविष्य की संस्थागत व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है।