

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार पुलिस न्याय सुनिश्चित करने तथा कानून के शासन को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार दृढ़ता से कार्य कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, श्री विजयपुरम ने 29 जुलाई 2026 को दिए गए अपने निर्णय में ओग्राब्राज थाना में दर्ज वर्ष 2012 के चर्चित जलाकर हत्या के मामले में आरोपी अमित कुमार तिर्की, निवासी क्वारी बस्ती, नमूनाघर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। यह मामला ओग्राब्राज थाना में दर्ज एफआईआर संख्या 111/2012 दिनांक 01 अगस्त 2012 से संबंधित था। यह मामला एक दुखद घरेलू विवाद से जुड़ा था, जिसमें पीड़िता को जानबूझकर आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। मामले की जांच तत्कालीन जांच अधिकारी इंस्पेक्टर साहिल शम्सुद्दीन द्वारा वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष तरीके से की गई। जांच के दौरान मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से एकत्रित कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा। दोष सिद्ध होने के बाद 30 जुलाई 2026 को न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने आरोपी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता के पुत्र को प्रदान की जाएगी। पुलिस ने कहा कि न्याय मिलने में समय लग सकता है, लेकिन अपराध करने वालों को अंततः न्यायालय के समक्ष जवाबदेह होना ही पड़ता है। अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने आम नागरिकों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी विवाद का समाधान केवल कानूनी एवं शांतिपूर्ण माध्यमों से किया जाना चाहिए। पुलिस ने लोगों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का भी आग्रह किया है ताकि समाज में कानून का राज कायम रहे।