जुबिन गर्ग मौत: एसआईटी के आरोपपत्र में चार लोगों पर हत्या का आरोप

सिंगापुर में एक महोत्सव में 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में जुबिन गर्ग की मौत हो गयी थी।
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गुवाहाटीः गायक जुबिन गर्ग की मौत की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को गुवाहाटी की एक अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर श्यामकानु महंत और सिद्धार्थ शर्मा समेत चार लोगों पर उनकी हत्या करने का आरोप लगाया। आरोपियों में शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंत भी शामिल हैं।

श्यामकानु महंत सिंगापुर में आयोजित किये गये उत्तर पूर्व भारत महोत्सव का मुख्य आयोजक था और इस कार्यक्रम में गर्ग ने भाग लिया था। इसी महोत्सव में 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में गर्ग की मौत हो गयी थी।

असम सरकार ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी

वकीलों ने बताया कि गर्ग के चचेरे भाई और असम पुलिस के निलंबित अधिकारी संदीपन गर्ग पर आज सुबह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल किये गये 3,500 से अधिक पृष्ठों के आरोपपत्र में गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। शर्मा गायक का सचिव था, जबकि शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंत गर्ग के बैंड के सदस्य थे।

वकीलों ने बताया कि गायक के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को बीएनएस की धारा 31सी के तहत आरोपी बनाया गया है। इस धारा का संबंध निजी सुरक्षा अधिकारियों को सौंपे गए धन या संपत्ति का दुरुपयोग करके आपराधिक विश्वासघात करने से है। असम सरकार ने गर्ग की मौत की जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम पी गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था।

मुख्यमंत्री ने पहले ही जुबिन की मौत को हत्या बताया

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने हाल में संपन्न विधानसभा सत्र में दावा किया था कि गर्ग की मौत 'स्पष्ट रूप से हत्या' थी। सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) भी गर्ग की मौत की जांच कर रहा है। एसपीएफ ने एक बयान में कहा था कि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला है तथा मामले की जांच में और तीन महीने तक का समय लग सकता है।

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