विश्व बैंक की मदद से बन रहा निमातिघाट टर्मिनल

नवंबर के पहले सप्ताह में होगा तैयार जल परिवहन और संपर्क व्यवस्था को मिलेगी नई गति
विश्व बैंक की मदद से बन रहा निमातिघाट टर्मिनल
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जोरहाट : असम के जोरहाट जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे विकसित किया जा रहा विश्व बैंक वित्तपोषित निमातिघाट टर्मिनल नवंबर के शुरुआती दिनों में पूरा होने की उम्मीद है। राज्य के परिवहन मंत्री चरण बोरो ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसके जल्द पूरा होने की जानकारी दी। टर्मिनल के तैयार होने के बाद निमातिघाट क्षेत्र में जल परिवहन सुविधाओं और यात्री संपर्क व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है।

नवंबर की शुरुआत तक काम पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। परिवहन मंत्री चरण बोरो ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकार की कोशिश है कि टर्मिनल को नवंबर के शुरुआती दिनों में परिचालन के लिए तैयार किया जा सके। निमातिघाट असम के महत्वपूर्ण नदी परिवहन केंद्रों में शामिल है। ब्रह्मपुत्र के माध्यम से यहां से विभिन्न स्थानों के लिए जल परिवहन संचालित होता है। ऐसे में आधुनिक टर्मिनल के निर्माण को क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

जल परिवहन के बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा

विश्व बैंक की सहायता से विकसित किया जा रहा यह टर्मिनल असम में नदी परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ जलमार्ग के अधिक प्रभावी इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है। निमातिघाट की भौगोलिक और परिवहन संबंधी अहमियत को देखते हुए परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूती मिल सकती है। विशेष रूप से ब्रह्मपुत्र के जरिए होने वाले यात्री और अन्य जल परिवहन के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार होगा।

परिवहन मंत्री ने व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की

परियोजना की समीक्षा के दौरान परिवहन मंत्री ने निर्माण कार्य के साथ-साथ वाणिज्यिक वाहनों से जुड़े सुरक्षा नियमों के पालन पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) के प्रवर्तन में ढिलाई का मुद्दा उठाया और संकेत दिया कि सरकार व्यावसायिक वाहनों में गति नियंत्रक उपकरणों के नियमों के पालन को लेकर आगे कड़े कदम उठाएगी। सरकार का उद्देश्य सड़क और जल—दोनों परिवहन क्षेत्रों में सुरक्षा और नियमन को मजबूत करना है। इसके तहत नियमों के उल्लंघन पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद

निमातिघाट टर्मिनल के आधुनिकीकरण का प्रभाव केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। बेहतर जल परिवहन व्यवस्था से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आवाजाही को भी लाभ मिल सकता है। जोरहाट और आसपास के क्षेत्रों के लिए ब्रह्मपुत्र एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक परिवहन मार्ग है। आधुनिक टर्मिनल तैयार होने के बाद इस जलमार्ग की क्षमता का अधिक व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

समय पर परियोजना पूरी करना सरकार की प्राथमिकता

सरकार ने परियोजना को जल्द पूरा करने पर जोर दिया है। नवंबर के शुरुआती दिनों में टर्मिनल तैयार होने की स्थिति में लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य को एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंचाया जा सकेगा। निमातिघाट टर्मिनल के पूरा होने के बाद असम में अंतर्देशीय जल परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सरकार की योजना को भी गति मिलने की संभावना है।

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