श्री विजयपुरम में स्थापित हुआ “आइलैंड आर्ट क्लब”, कला और संस्कृति को मिलेगा नया मंच

श्री विजयपुरम में स्थापित हुआ “आइलैंड आर्ट क्लब”, कला और संस्कृति को मिलेगा नया मंच

स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को साझा मंच प्रदान करने का प्रयास
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “आइलैंड आर्ट क्लब” नामक एक नई कला एवं सांस्कृतिक संस्था की औपचारिक स्थापना 16 मार्च 2026 को श्री विजयापुरम में की गई। इस पहल के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और कला प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास किया गया है, ताकि क्षेत्र में रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के साथ-साथ द्वीपसमूह की विविध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सके। इस अवसर पर आयोजित स्थापना बैठक में स्थानीय समुदाय के अनेक सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और कला एवं संस्कृति के लिए एक सशक्त मंच तैयार किए जाने की पहल का जोरदार समर्थन किया। बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि द्वीपसमूह में प्रतिभाशाली कलाकारों की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने और विकसित करने के लिए संगठित मंच की आवश्यकता है। बैठक के दौरान संगठन के संचालन के लिए एक कार्यकारिणी समिति का भी गठन किया गया। इस समिति में सिद्धांत राय शर्मा को अध्यक्ष चुना गया, जबकि मेघा पोद्दार और मुखर्जी को उपाध्यक्ष के रूप में चयनित किया गया। इसके अलावा प्रभा शर्मा को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। जय शंकर दयाल और सारिका को संयुक्त सचिव के रूप में चुना गया, जबकि मेघनाथ संत्रा को कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। पदाधिकारियों के अतिरिक्त संगठन के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए सात कार्यकारिणी सदस्यों का भी चयन किया गया।

नवगठित आइलैंड आर्ट क्लब का उद्देश्य द्वीपसमूह में कला और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत कला प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने और कलाकारों के बीच सहयोग एवं संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। संस्था की ओर से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के कलाकारों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों से आह्वान किया गया है कि वे इस पहल से जुड़कर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में योगदान दें। संस्था के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच के माध्यम से द्वीपसमूह की कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।

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