

बीजिंग : चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात में सबसे अहम सहमति इस बात पर बनी कि भारत और चीन साझेदार हों, प्रतिद्वंद्वी नहीं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े रणनीतिक और दीर्घकालिक मुद्दों पर चर्चा की। वांग के मुताबिक, शी ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाकर साझा विकास को बढ़ावा दे सकते हैं। दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने, राजनीतिक विश्वास बढ़ाने और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने पर सहमति जताई। वांग ने कहा कि भारत-चीन संबंध तनाव के दौर से निकलकर फिर पटरी पर आ रहे हैं। व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ा है। वांग के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार मानता है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, एससीओ और जी-20 में समन्वय मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन करेगा।