IIT, IIM, NIT, विश्वविद्यालय और कॉलेज आंगनावाड़ी केंद्रों का लेंगे जिम्मा

अब आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, विश्वविद्यालय और कॉलेज सभी आंगनावाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी उठाएंगे।
IIT, IIM, NIT, विश्वविद्यालय और कॉलेज आंगनावाड़ी केंद्रों  का लेंगे जिम्मा
Published on

नयी दिल्ली , दिल्ली ब्यूरो : अब आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, विश्वविद्यालय और कॉलेज सभी आंगनावाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी उठाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 के तहत 3 से 6 आयु के बच्चों को आंगनवाड़ी से जोड़ा है। इसी आयु वर्ग के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई)को मजबूती देने के मकसद से प्रति संस्थान पांच से छह आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने की योजना तैयार हुई है। इससे छात्रों में अनुभवात्मक शिक्षा, व्यावसायिक अनुभव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी तो अकादमिक फील्डवर्क, इंटर्नशिप, शोध का मौका मिलेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिल्ली में फरवरी में मुख्य सचिवों का सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसी के दौरान, आंगनवाड़ी केंद्रों से उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ने का प्रस्ताव आया था। इसी के तहत, अब यूजीसी ने सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखा है। इसमें प्रति संस्थान दीर्घकालिक मार्गदर्शन और सामुदायिक भागीदारी के तहत अपने आसपास के पांच से छह आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेंगे। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों में अनुभवात्मक शिक्षा, व्यावसायिक अनुभव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी। इसके अलावा, अकादमिक फील्डवर्क, इंटर्नशिप कार्यक्रम चला सकेंगे। इसके अलावा, समाज कार्य, पोषण, जन स्वास्थ्य, बाल विकास, मनोविज्ञान और समाज कल्याण जैसे विषयों से शोध भी संभव हैं।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in