विज्ञान और तकनीकी प्रगति में अहम योगदान निभा रहा IIT गुवाहाटी : हिमंत

बोले- IIT गुवाहाटी देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल
विज्ञान और तकनीकी प्रगति में अहम योगदान निभा रहा IIT गुवाहाटी : हिमंत
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गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को IIT गुवाहाटी के 33वें स्थापना दिवस पर संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूरे IIT गुवाहाटी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने देश के विज्ञान और तकनीकी विकास में संस्थान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि IIT गुवाहाटी देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर अपने संदेश में कहा कि IIT गुवाहाटी देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों को आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

1994 में हुई थी स्थापना

IIT गुवाहाटी की स्थापना 1994 में हुई थी और यह देश में स्थापित छठा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान है। तीन दशक से अधिक की यात्रा में संस्थान ने पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। संस्थान में इंजीनियरिंग और विज्ञान के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में अंतर-विषयक अनुसंधान पर भी जोर दिया जाता है। IIT गुवाहाटी ने तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी भूमिका निभाई है।

पूर्वोत्तर में तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र

IIT गुवाहाटी के विस्तार से असम की उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में स्थिति मजबूत हुई है। संस्थान ने पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के लिए उन्नत तकनीकी शिक्षा और शोध के अवसर उपलब्ध कराने के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाओं को भी आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री के संदेश में ऐसे संस्थानों की व्यापक भूमिका को रेखांकित किया गया, जो वैज्ञानिक क्षमता विकसित करने और युवाओं को अनुसंधान एवं नवाचार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

शोध और नवाचार पर जोर

IIT गुवाहाटी शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार और उन्नत तकनीकी अध्ययन पर लगातार ध्यान केंद्रित करता रहा है। संस्थान से जुड़े विद्यार्थी और शोधकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित करने और देश की अर्थव्यवस्था एवं समाज के लिए उपयोगी योगदान देने की दिशा में काम कर रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान की पिछले 33 वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं—शिक्षा, शोध, नवाचार और तकनीकी विकास—पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संदेश के माध्यम से असम के शैक्षणिक और शोध तंत्र को मजबूत करने तथा राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

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