बिना पर्चे दवाओं की बिक्री पर सख्ती, नशे के दुरुपयोग रोकने को स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

बिना पर्चे दवाओं की बिक्री पर सख्ती, नशे के दुरुपयोग रोकने को स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को नशा मुक्त बनाने हेतु मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की रोकथाम एवं उसे कम करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए हाल ही में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के सम्मेलन कक्ष में डॉ. सिद्धा राजू, निदेशक, स्वास्थ्य सेवा सह राज्य औषधि नियंत्रक की अध्यक्षता में जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंडमान तथा निकोबार केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों तथा अन्य स्थानीय खुदरा एवं थोक फार्मेसी मालिकों ने भाग लिया। अध्यक्ष ने विशेष रूप से दक्षिण अंडमान तथा उत्तर व मध्य अंडमान में औषधि निरीक्षकों द्वारा औचक निरीक्षण किए जाने के महत्व पर चर्चा की, ताकि औषधि संबंधी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके तथा बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के एंटी-टीबी दवाओं एवं एंटीबायोटिक्स सहित दवाओं की अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दवाइयों की बिक्री अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक पर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि अधिक कीमत वसूलना मरीज़ों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है और यह नियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि समान दिखने एवं समान उच्चारण वाली दवाइयों को अलग रखा जाए तथा स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए, ताकि दवाइयां वितरित करते समय होने वाली त्रुटियों को कम किया जा सके और मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एस्पिरिन एवं डिस्प्रिन जैसी दवाइयां, जिनका अनुचित उपयोग स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है, उचित चिकित्सकीय सलाह अथवा पर्चे के बिना नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि निजी दुकानों में उचित चिकित्सकीय निगरानी के बिना एमटीपी (गर्भसमापन) गोलियों की बिक्री माताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करती है। डॉ. गणेश समद्दार, उप निदेशक (चिकित्सा) ने औषधि निरीक्षकों द्वारा किए गए औचक निरीक्षणों के परिणामों पर चिंता व्यक्त की, जिनमें अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा दवाओं की बिक्री, अनुसूची एच एवं एच-1 दवाओं के रजिस्टर और चिकित्सकीय पर्चों के अभिलेखों का अनुचित रखरखाव, कफ सिरप, अल्प्राजोलम, नाइट्राजेपाम, क्लोनाजेपाम, डायजेपाम आदि जैसी निद्राजनक दवाओं की बिक्री तथा एक ही पर्चे के आधार पर बार-बार दवाइयां वितरित किए जाने जैसे मामले शामिल थे। अशोक विश्वास, नोडल अधिकारी (निषेध), समाज कल्याण निदेशालय ने द्वीपों में युवाओं के बीच बढ़ते मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा गैर-चिकित्सीय एवं नशे के उद्देश्यों के लिए कफ सिरप और अन्य सामान्य रूप से उपलब्ध दवाइयों के बढ़ते दुरुपयोग पर प्रकाश डाला और अभिभावकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य पेशेवरों एवं फार्मासिस्टों द्वारा अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि यदि छोटे बच्चों और किशोरों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशीले पदार्थों के सेवन के संकेत दिखाई दें, तो उचित हस्तक्षेप एवं सहायता के लिए इसकी जानकारी तुरंत समाज कल्याण विभाग को फोन नंबर 9933283106 पर दी जाए। मनोज लाल, उप निरीक्षक (सीआईडी), एंटी-नारकोटिक्स ने द्वीपों के युवाओं एवं आम जनता के बीच मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने और कम करने के लिए सभी विभागों एवं निजी फार्मेसियों के संयुक्त प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया। अंडमान तथा निकोबार केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विवेक मिश्रा ने कहा कि एक ही बैठक में सभी विभागों की सामूहिक भागीदारी अत्यंत उत्साहजनक है तथा उन्होंने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन के सभी सदस्य केंद्रशासित प्रदेश में नशे के दुरुपयोग को कम करने के लिए विभाग को पूरा सहयोग एवं समर्थन प्रदान करेंगे।


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