

कोहिमा : नगालैंड विधानसभा में मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (GST) को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताए जाने से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार वित्तीय स्थिरता और आत्मनिर्भरता को लेकर गंभीर कदम उठा रही है।
मंगलवार, 2 सितंबर को विधानसभा के शून्यकाल के दौरान नेफ्यू रियो ने कहा कि GST अब नगालैंड के राजस्व का प्रमुख स्रोत बन चुका है, और इसे केवल सरकार की नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे समय पर टैक्स का भुगतान करें और इस प्रक्रिया को एक 'जन आंदोलन' में बदलें। उन्होंने कहा कि सरकारें करों के बिना नहीं चल सकतीं और यह जरूरी है कि नागरिक और व्यवसाय दोनों स्वेच्छा से कर अनुपालन करें ताकि राज्य का आर्थिक आधार मजबूत हो सके।
इस चर्चा की शुरुआत विधायक ए. पोंगशी फोम ने की थी, जिन्होंने GST की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए राज्य में कर संग्रह के अंतराल पर चिंता जताई। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि:
· राज्य में खाद्य पैकेजिंग, जूस, अचार, और जैव ईंधन जैसे क्षेत्रों में क्षमता होने के बावजूद टैक्स संग्रह अपेक्षा से कम है।
· वैट (VAT) और GST के बीच अभी भी खामियां बनी हुई हैं।
फोम ने यह भी बताया कि:
· अप्रैल में GST राजस्व में 43%, मई में 44% और जून 2025 में 104% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई, जो सुधारों और प्रवर्तन की सफलता को दर्शाता है।
विधायक फोम ने सरकार से निम्नलिखित सुझाव भी दिए:
· वाणिज्यिक भवन किराया, रेत और पत्थर के चिप्स और अनधिकृत ट्रांसपोर्टर जैसे क्षेत्रों में GST लागू किया जाए।
· पुराने GST कानूनों में संशोधन किया जाए।
· DDO ( ड्राइंग एंड डिसबर्शिंंग ऑफिसर्स ) द्वारा समय पर रिटर्न फाइलिंग सुनिश्चित की जाए।
· राज्य स्तरीय GST शिकायत निवारण समिति बनाई जाए, जिसमें सरकार, व्यापार निकायों और कर पेशेवरों का प्रतिनिधित्व हो।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने आश्वासन दिया कि :
· कर कटौती और संग्रह में लीकेज को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
· व्यवसायों और नागरिकों को समय पर कर चुकाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
· इससे नगालैंड का आर्थिक ढांचा और मजबूत होगा तथा राज्य की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।