मायाबंदर में बार-बार बिजली कटौती से बढ़ी चिंता, तत्काल हस्तक्षेप की मांग

पानीघाट विद्युत गृह में इंजन खराब और तकनीकी कर्मियों की कमी से बिजली आपूर्ति बाधित
मायाबंदर में बार-बार बिजली कटौती से बढ़ी चिंता, तत्काल हस्तक्षेप की मांग
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मायाबंदर के पूर्व प्रमुख अब्दुल सिद्दीकी ने उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त एवं सहायक आयुक्त (मुख्यालय) को पत्र भेजकर मायाबंदर में बार-बार हो रही बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल से पानीघाट विद्युत गृह में इंजन खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और कई घंटों तक बिजली उपलब्ध नहीं रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समस्या बार-बार सामने आ रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या बनी हुई है, जिससे व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्युत आपूर्ति का अनुबंध मोना कंपनी को दिया गया है, जिसे हर माह लाखों रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन पानीघाट विद्युत गृह में स्थायी तकनीकी कर्मियों की अनुपस्थिति एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ठेकेदार एवं विद्युत विभाग दोनों के कार्यों की सख्त निगरानी एवं विस्तृत जांच आवश्यक है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि विद्युत विभाग को चाहिए कि वह पानीघाट विद्युत गृह में स्थायी तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करे तथा समुचित पर्यवेक्षण बनाए रखे। स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि मायाबंदर जिला मुख्यालय है, जहां उपायुक्त कार्यालय, विभिन्न प्रमुख विभाग एवं जिला अस्पताल स्थित हैं। बार-बार बिजली बाधित होने से आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती हैं, सरकारी कार्यों एवं बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न होता है, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है तथा मरीजों की देखभाल पर भी गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के कारण व्यापारिक समुदाय को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मायाबंदर के निवासियों की ओर से उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि समस्या के पूर्ण समाधान तक डिगलीपुर अथवा रंगत से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, जैसा कि पूर्व में किया जाता रहा है। साथ ही, उन्होंने पानीघाट विद्युत गृह में योग्य तकनीकी कर्मियों की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की भी मांग की, ताकि निर्बाध एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति बनी रह सके। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने तथा जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।

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