जेल गए तो कुर्सी गई! संविधान संशोधन पर JPC की डेडलाइन बढ़ी

अब यह रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सदन में प्रस्तुत की जाएगी।
जेल गए तो कुर्सी गई! संविधान संशोधन पर JPC की डेडलाइन बढ़ी
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अंजलि भाटिया

लोकसभा ने शुक्रवार को तीन महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयकों पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी। अब यह रिपोर्ट 2026 के मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक सदन में प्रस्तुत की जाएगी।

ये विधेयक संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार विधेयक, 2025 देश की राजनीतिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही से जुड़े अहम प्रावधानों के कारण चर्चा में हैं।

भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने सदन में समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। इन प्रस्तावित संशोधनों में एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई जनप्रतिनिधि गिरफ्तारी के बाद जेल जाता है, तो वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री पद पर बने नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही, ऐसे किसी आरोपी नेता के लिए 30 दिनों के भीतर जमानत लेना अनिवार्य होगा। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता, तो 31वें दिन उसे अपने पद से हटना होगा और अन्यथा वह स्वतः अयोग्य माना जाएगा

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