भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को बनाया उम्मीदवार

नागांव लोकसभा उपचुनाव
भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को बनाया उम्मीदवार
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गुवाहाटी : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने असम की नागांव लोकसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी देबाशीष शर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। शर्मा ने हाल ही में प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद राजनीति में कदम रखा और भाजपा में शामिल हुए थे। शर्मा नागांव के जिला आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने तीन सितंबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली और इसके पांच दिन बाद, आठ सितंबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी ने इसके दो दिन बाद ही उन्हें नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिया। नागांव सीट कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। बोरदोलोई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर नागांव से जीत दर्ज की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में दिसपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए। इसी कारण नागांव लोकसभा सीट पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है। मतदान छह अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना नौ अक्टूबर को की जाएगी।

कांग्रेस ने की थी शिकायत

देबाशीष शर्मा की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है जब कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने उनके खिलाफ निर्वाचन संबंधी शिकायत दर्ज कराई थी। हुसैन ने पिछले सप्ताह असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर शर्मा के नागांव जिला आयुक्त रहते हुए लिए गए विभिन्न निर्णयों की समीक्षा करने और उचित कार्रवाई की मांग की थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने कांग्रेस की शिकायत को आवश्यक कार्रवाई और निर्देश के लिए निर्वाचन आयोग को भेज दिया था। हालांकि, भाजपा ने शर्मा को नागांव उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव

देबाशीष शर्मा का प्रशासनिक करियर करीब तीन दशक से अधिक का रहा है। अंग्रेजी साहित्य में स्नातक और जनसंपर्क में स्नातकोत्तर शर्मा 1992 में असम सिविल सेवा में शामिल हुए थे। उनकी पहली तैनाती बारपेटा में हुई थी। बाद में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत किया गया। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान शर्मा ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह असम के तत्कालीन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस. के. सिन्हा के विशेष अधिकारी भी रहे। इसके अलावा उन्होंने मुंबई स्थित असम भवन में उप आवासीय आयुक्त के रूप में कार्य किया और महाराष्ट्र में असम सरकार का प्रतिनिधित्व किया। शर्मा ने गुवाहाटी नगर निगम के आयुक्त और मोरीगांव के जिला आयुक्त के रूप में भी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें नागांव का जिला आयुक्त बनाया गया, जहां से उन्होंने वीआरएस लिया।

कैंसर देखभाल से भी जुड़े रहे

प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा शर्मा सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। वह कैंसर देखभाल से जुड़े संगठन ‘दीपशिखा’ के संस्थापक अध्यक्ष और न्यासी हैं। संगठन के माध्यम से कैंसर रोगियों और उनके परिवारों से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी रही है। नागांव उपचुनाव में भाजपा द्वारा एक पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को मैदान में उतारे जाने से मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। शर्मा के प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ उनके हालिया राजनीतिक पदार्पण को पार्टी की चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

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