

इंफाल : मणिपुर के कांगपोकपी जिले में नगा समुदाय के छह नागरिकों की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर नगा समुदाय के नौ विधायकों ने सोमवार को विधानसभा सत्र की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। नगा विधायकों ने मई में लेइलोन वैफेई इलाके में हुई इन हत्याओं के विरोध में विधानसभा की कार्यवाही के बहिष्कार का फैसला किया। नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के नेता अवांगबो न्यूमई ने कहा कि नगा विधायकों का विधानसभा सत्र से दूर रहने का निर्णय इस बात को लेकर नाराजगी जाहिर करने के लिए है कि छह नागरिकों की हत्या के मामले में अब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाया है। न्यूमई ने कहा कि नगा समुदाय इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को कई महीने बीत जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है। नगा नेता ने विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने को लेकर मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन की भी आलोचना की। न्यूमई ने आरोप लगाया कि किपगेन के पति का नाम इन हत्याओं के मामले में सामने आया है और वह मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। न्यूमई ने दावा किया कि नगा नेताओं के पास घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री के पति कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंशियल (केएनएफ-पी) के नेता हैं और छह नागरिकों की हत्या के मामले में उनकी कथित भूमिका की जांच की जानी चाहिए। हालांकि, ये आरोप नगा पीपुल्स फ्रंट की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है।
13 मई को अपहरण, एक महीने बाद मिले शव
आरोप है कि कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई इलाके से नगा समुदाय के छह नागरिकों का 13 मई 2026 को अपहरण कर लिया गया था। उनके लापता होने के बाद सुरक्षा बलों और अन्य एजेंसियों की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी। करीब एक महीने बाद, 10 जून 2026 को सुरक्षा बलों के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान छह लोगों के शव बरामद किए गए। शवों की बरामदगी के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया तथा नगा समुदाय की ओर से घटना की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हुई। नगा नेताओं का कहना है कि घटना ने समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ाया है। उनका आरोप है कि इस तरह की घटनाओं से मणिपुर में पहले से जारी जातीय तनाव और गहरा सकता है।
शांति बनाए रखने की अपील
अवांगबो न्यूमई ने कहा कि नगा नेता लगातार विभिन्न समुदायों के बीच शांति बनाए रखने और तनाव को और बढ़ने से रोकने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना का जवाब सामुदायिक टकराव के रूप में नहीं दिया जाना चाहिए और विवादित मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन के इस्तीफे की भी मांग की। नगा नेताओं का कहना है कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए। नौ नगा विधायकों द्वारा विधानसभा सत्र का बहिष्कार किए जाने से छह नागरिकों की हत्या का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। नगा विधायकों का यह कदम सरकार पर मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच नगा समुदाय से जुड़े इस मामले ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। नगा नेताओं का कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना केवल एक समुदाय का मुद्दा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे से जुड़ा विषय है। नगा समुदाय की ओर से अब मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।