SIR के खिलाफ CJP का अभियान तेज, असम में संगठन विस्तार पर दिया जोर

CJP ने चुनाव आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित तौर पर बाहर किए गए पात्र मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है

SIR के खिलाफ CJP का अभियान तेज, असम में संगठन विस्तार पर दिया जोर
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गुवाहाटी : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने असम में अपने संगठनात्मक विस्तार के साथ मतदाता अधिकारों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को लेकर अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं। मंगलवार को CJP के नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर शेख साहिल उद्दीन शाह ने गुवाहाटी प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संगठन की आगामी गतिविधियों और असम से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। CJP की ओर से हाल में SIR के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। CJP ने चुनाव आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित तौर पर बाहर किए गए पात्र मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

असम में संगठन मजबूत करने की तैयारी

शेख साहिल उद्दीन शाह पहले भी गुवाहाटी में CJP की गतिविधियों और असम में संगठन के विस्तार की योजना की जानकारी दे चुके हैं। अगस्त में उन्होंने कहा था कि संगठन राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं से संवाद करेगा और उनके सुझावों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ सदस्यता अभियान चलाने की भी योजना बताई गई थी। CJP ने असम में युवाओं और छात्रों के बीच अपनी गतिविधियां बढ़ाने के साथ स्थानीय मुद्दों पर अभियान चलाने की बात कही है। संगठन से जुड़े नेताओं ने बाढ़, शिक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति जैसे मुद्दों को भी उठाया है। सितंबर के अंत में CJP कार्यकर्ताओं ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत कुछ सरकारी स्कूलों का दौरा कर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया था।

SIR को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग

CJP ने इससे पहले गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की थी। संगठन ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून में बदलाव की भी मांग रखी थी। हालांकि, ये CJP की मांगें और आरोप हैं; चुनाव आयोग ने उसके निर्णयों को लेकर लगाए गए कुछ आरोपों का खंडन किया है। CJP के असम अभियान में संगठनात्मक विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर युवाओं और नागरिक समूहों को जोड़ने पर भी जोर है। सितंबर में संगठन की क्षेत्रीय बैठक से पहले पुलिस द्वारा उसके कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस को इसी व्यापक अभियान की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें CJP असम में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और मतदाता अधिकार, शिक्षा तथा स्थानीय जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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