

गुवाहाटी : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से साझा किए गए एक स्कूल संबंधी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य में ऐसे और स्कूल विकसित करने की अपील की है। रांका ने कहा कि असम के हर बच्चे को अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। रांका ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिखाया गया स्कूल अच्छा है और राज्य में ऐसे और स्कूल बनाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने दिसपुर और रामपुर के स्कूलों की स्थिति में सुधार की मांग की।
दिसपुर और रामपुर के स्कूलों का किया दौरा
रांका ने दावा किया कि उनकी टीम ने जिन दो स्कूलों का दौरा किया, उनकी स्थिति बहुत खराब थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन स्कूलों की स्थिति सुधारने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार को राज्य के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने लिखा, “यह एक अच्छा स्कूल है, मामा। ऐसे और स्कूल बनाएं। साथ ही, कृपया दिसपुर और रामपुर के स्कूलों को ठीक करवाएं।” रांका ने कहा कि उन्होंने जिन दोनों स्कूलों का दौरा किया, वे खराब हालत में थे।
सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर अभियान
रांका की यह टिप्पणी CJP के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच आई है। पार्टी की ओर से विभिन्न राज्यों में सरकारी स्कूलों का दौरा कर बुनियादी ढांचे, भवन, सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था से संबंधित मुद्दों को सामने लाने का अभियान चलाया जा रहा है। CJP की ओर से पहले भी कुछ स्कूलों की खराब स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। राजस्थान के जयपुर में पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान दौरा किए गए एक जर्जर सरकारी स्कूल को बाद में ध्वस्त कर नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस परियोजना के लिए कुल 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
हिरासत की घटना के बाद भी अभियान जारी
रांका और CJP के कुछ नेताओं तथा स्वयंसेवकों को 27 सितंबर को गुवाहाटी में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच भी पार्टी का स्कूलों से जुड़ा अभियान जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, संगठन के करीब 35 सदस्यों को काहिलिपारा स्थित 10वीं असम पुलिस बटालियन परिसर ले जाया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। CJP नेताओं ने हिरासत को अपनी प्रस्तावित गतिविधियों से जोड़कर आरोप लगाए थे, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस पृष्ठभूमि में रांका की मुख्यमंत्री के स्कूल संबंधी पोस्ट पर प्रतिक्रिया को असम में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर चलाए जा रहे उनके अभियान के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।