

आइजोल : मिजोरम के चंफाई जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा एवं नारकोटिक्स एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5.5 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां जब्त की हैं। इस मामले में म्यांमार के एक 20 वर्षीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के कब्जे से कुल 50,500 मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद की गईं। यह कार्रवाई बुधवार, 16 सितंबर को जोटे और बुलफेक गांवों के बीच स्थित इलाके में की गई।
सीमा के पास संयुक्त अभियान
अधिकारियों के मुताबिक, चंफाई के एक्साइज एंड नारकोटिक्स विभाग और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन की गोलियां बरामद हुईं। कार्रवाई के दौरान एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी के शामिल होने की भी कुछ रिपोर्टों में जानकारी दी गई है।
बरामद नशीले पदार्थ का कुल वजन 5.5 किलोग्राम बताया गया है। अधिकारियों ने इसे मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण बरामदगी बताया है।
म्यांमार के चिन राज्य का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कामकिमसियांग (20) के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार वह म्यांमार के चिन राज्य स्थित बुकफिर गांव का निवासी है। उसे जोटे-बुलफेक मार्ग से पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मेथामफेटामाइन की यह खेप म्यांमार से तस्करी के जरिए मिजोरम लाई गई थी और इसे राज्य के बाहर आगे सप्लाई किया जाना था। हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क और खेप की अंतिम मंजिल का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेने के बाद चंफाई की जिला अदालत में पेश किया गया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद मेथामफेटामाइन की खेप म्यांमार से भारत में किस रास्ते से पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग या नेटवर्क सक्रिय हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेप को मिजोरम में ही खपाया जाना था या इसे पूर्वोत्तर के किसी अन्य राज्य अथवा देश के दूसरे हिस्से में भेजा जाना था।
भारत-म्यांमार सीमा पर तस्करी चुनौती
मिजोरम की म्यांमार के साथ लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है और चंफाई जिला सीमा पार आवाजाही तथा तस्करी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में सुरक्षा और नारकोटिक्स एजेंसियां लगातार निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं। अगस्त 2026 में भी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मिजोरम में 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की बरामदगी की थी। DRI के अनुसार, वह खेप म्यांमार से चंफाई-जोकावथर सेक्टर के रास्ते मिजोरम में लाई गई थी और आगे असम ले जाने की तैयारी थी। चंफाई में ताजा कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पूर्वोत्तर के अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और संयुक्त अभियानों को तेज किया है। ताजा मामले में जांच का मुख्य फोकस बरामद खेप के स्रोत, संभावित प्राप्तकर्ताओं और इससे जुड़े व्यापक तस्करी नेटवर्क का पता लगाने पर है।