

नई दिल्ली - केंद्र सरकार नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। रविवार को बीजापुर में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर लिया और हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने हमेशा कहा है कि 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा। इन 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर उनके फैसले का स्वागत किया और यह भी बताया कि उनका पुनर्वास करके उन्हें मुख्यधारा में लाया जाएगा।
अमित शाह ने एक्स पर किया पोस्ट
केंद्रीय गृहमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह बहुत खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा और हथियारों को छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, उनका स्वागत है।
उन्होंने लिखा कि बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूं कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएं। 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है।
इन नक्सलियों पर 68 लाख रुपये का था इनाम
यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। सूत्रों के अनुसार, इन नक्सलियों ने कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया था, लेकिन अब वे मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं। वहीं, सुरक्षाबलों की निरंतर कार्रवाई के कारण नक्सलियों में भय का माहौल बना हुआ है। हाल ही में, छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ों में कई नक्सलियों को मार गिराया। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर 68 लाख रुपये का इनाम था।
50 नक्सलियों ने सौपे अपने हथियार
छत्तीसगढ़ सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा नक्सली विकास की दिशा में लौटें। इसके लिए सरकार ने पुनर्वास नीति बनाई है, जिसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि नक्सली हिंसा को छोड़कर शांति और विकास की ओर बढ़ें। बीजापुर एसपी कार्यालय में डीआईजी और सीआरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर अपने हथियार सौंपे।