BJP ने देवाशीष शर्मा को सौंपा आधिकारिक टिकट

नागांव उपचुनाव :

BJP ने देवाशीष शर्मा को सौंपा आधिकारिक टिकट
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गुवाहाटी : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को रविवार को आधिकारिक रूप से पार्टी का टिकट सौंप दिया। पार्टी ने यह कदम शर्मा के भाजपा में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद उठाया है। नागांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। भाजपा के असम प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने गुवाहाटी स्थित भाजपा असम प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी का आधिकारिक टिकट सौंपा। शर्मा की ओर से मोरीगांव के भाजपा जिला अध्यक्ष राम प्रसाद सरकार ने टिकट प्राप्त किया।

8 सितंबर को BJP में शामिल हुए थे शर्मा

देवाशीष शर्मा इससे पहले नागांव के जिला आयुक्त के पद पर रह चुके हैं और प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्होंने 8 सितंबर को पत्रकार लेनिन सौरव बोरा और गुंजन कलिता के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। तीनों ने गुवाहाटी के बशिष्ठा स्थित वाजपेयी भवन में आयोजित कार्यक्रम में असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में औपचारिक रूप से प्रवेश किया था। पार्टी में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद भाजपा ने देवाशीष शर्मा को नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। अब पार्टी ने उन्हें आधिकारिक रूप से चुनावी टिकट भी सौंप दिया है।

6 अक्टूबर को होगा मतदान

नागांव लोकसभा सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के असम विधानसभा में चले जाने के बाद रिक्त हुई थी। इसी रिक्तता के कारण निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है। नागांव लोकसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। ऐसे में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा के सामने अब कम समय में चुनावी अभियान को गति देने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती होगी।

प्रशासनिक अनुभव को चुनावी मैदान में उतार रही BJP

देवाशीष शर्मा का प्रशासनिक अनुभव इस उपचुनाव में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। नागांव के जिला आयुक्त के रूप में काम कर चुके शर्मा को क्षेत्र की प्रशासनिक और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी है। भाजपा द्वारा पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने से यह भी स्पष्ट होता है कि पार्टी ने नागांव सीट के लिए उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और स्थानीय स्तर पर संभावित स्वीकार्यता को महत्व दिया है। उपचुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही नागांव में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। भाजपा के सामने जहां अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती होगी, वहीं विपक्षी दल भी सीट पर अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए जोर लगाएंगे।

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