ये है वो जगह जहां दफनाई जाती हैं बड़ी-बड़ी मशीनें, समुद्र से है कोसों दूर

ये है वो जगह जहां दफनाई जाती हैं बड़ी-बड़ी मशीनें, समुद्र से है कोसों दूर
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नई दिल्ली: दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां मृत इंसानों को नहीं बल्कि उपग्रहों को दफनाया जाता है। ये वो सैटेलाइट्स होते हैं जो स्पेस में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके होते हैं। जिसके बाद उन्हें यहां डंप कर दिया जाता है। नासा के अनुसार अब यहां इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) को भी दफनाने का प्लान है, जो अगले कुछ सालों में अपना समय पूरा कर हटने वाला है।

ये जगह धरती से काफी दूर प्रशांत महासागर के मध्य में स्थित प्वॉइंट निमो है जिसे 'उपग्रहों का कब्रिस्तान' कहा जाता है। यह इलाका इतना दुर्गम है कि इसके सबसे करीब स्थित जमीन का हिस्सा भी 1,670 मील यानी 2,700 किमी दूर है। इस जगह तक पहुंचने के लिए महासागर को पार करने में ही आपको कई दिन लग जाएंगे। बताया जाता है कि इस इलाके में कई छोटे द्वीप हैं, जहां पक्षियों के अलावा और कोई जीव वास नहीं करता।

13 हजार फीट से अधिक है गहरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महासागर के पानी से घिरा यह इलाका ईस्टर आइलैंड के साउथ और अंटार्कटिका के नॉर्थ में स्थित है। यह इलाका 13, 000 फीट से अधिक की गहराई तक डूबा हुआ है। इंसानों की पहुंच से दूर इस क्षेत्र को 'दुर्गमता का ध्रुव' भी कहा जाता है।

प्वॉइंट निमो में 300 उपग्रह दफनाए गए

रिपोर्ट के अनुसार, 70 के दशक के बाद से अब तक प्वॉइंट निमो में 300 से अधिक उपग्रहों और स्पेस स्टेशन्स को जलमग्न किया जा चुका है। ये सैटेलाट्स दुनिया के अलग-अलग देशों से जुड़े हुए हैं। हाल ही में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने घोषणा की कि वह आईएसएस को भी इसी जगह दफनाएगा।

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