असम में स्कूल हैकाथॉन शुरू, 13 हजार से अधिक स्कूल होंगे शामिल

असम में स्कूल हैकाथॉन शुरू, 13 हजार से अधिक स्कूल होंगे शामिल
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गुवाहाटी : असम में स्कूली छात्रों के बीच नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंप्यूटेशनल सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से शनिवार को ‘SEVA फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: असम स्कूल हैकाथॉन’ की शुरुआत की गई। राज्यव्यापी इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। यह पहल समग्र शिक्षा असम की ओर से IIT दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (IHFC) के सहयोग से आयोजित की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, इसमें PM SHRI स्कूलों सहित 13,000 से अधिक सरकारी, प्रांतीय और निजी स्कूलों के शामिल होने की उम्मीद है। हैकाथॉन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 19 सितंबर से शुरू हो गई है।

‘विकसित असम और विकसित भारत 2047’ थीम

हैकाथॉन की मुख्य थीम ‘विकसित असम और विकसित भारत 2047’ रखी गई है। कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीक आधारित समाधान विकसित करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके लिए व्यावहारिक समाधान तलाशने का अवसर देना है। छात्र पांच-पांच सदस्यों की टीम में प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। प्रत्येक टीम के साथ एक मेंटर शिक्षक भी होगा। प्रतियोगिता को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है और इसमें कुल 14 सब-थीम रखी गई हैं। इनका फोकस स्थानीय और जिला स्तर की वास्तविक चुनौतियों पर होगा।

तीन चरणों में होगा आयोजन

असम स्कूल हैकाथॉन का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल और फाउंडेशन बूट कैंप आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए विद्यार्थियों को हैकाथॉन के लिए आवश्यक तकनीकी और समस्या समाधान संबंधी बुनियादी जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में जिला स्तर पर टीमों का मूल्यांकन और उन्नत प्रशिक्षण होगा। कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए कोडिंग आधारित चुनौतियां रखी जाएंगी, जबकि कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए इनोवेशन क्विज का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को आगे के चरण के लिए चुना जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने विचारों और तकनीकी समाधानों को और विकसित करने का अवसर मिलेगा।

जनवरी 2027 में स्टेट फिनाले

चयनित टीमें 4 से 8 जनवरी 2027 तक गुवाहाटी में आयोजित होने वाले पांच दिवसीय स्टेट फिनाले में हिस्सा लेंगी। फाइनल चरण में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए 72 घंटे का हैकाथॉन आयोजित किया जाएगा। वहीं, कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी आइडियाथॉन में अपने नवाचार और समाधान प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता के विजेता और बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों के प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है। इनमें रिसर्च पब्लिकेशन, पेटेंट फाइलिंग, इनक्यूबेशन तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रोजेक्ट प्रदर्शन के अवसर शामिल हैं।

तकनीकी कौशल और स्थानीय समस्याओं पर फोकस

इस पहल के जरिए छात्रों को केवल कोडिंग या तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय स्तर की वास्तविक समस्याओं को समझने और तकनीक के माध्यम से उनके समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य स्कूल स्तर पर नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

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