

गुवाहाटी : असम पुलिस ने गैरकानूनी और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ शनिवार तड़के राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर करीब 330 लोगों को गिरफ्तार किया है। असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह ने बताया कि अभियान अभी जारी है और गिरफ्तारियों की संख्या और बढ़ सकती है। डीजीपी ने बताया कि अभियान में ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है, जो खुद को पुलिसकर्मी या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी और वसूली करते थे। आरोपी कथित तौर पर लोगों को पुलिस से जुड़े मामलों को निपटाने का झांसा देते थे और फोन पर धमकाकर उनसे पैसे ऐंठते थे। सिंह ने कहा कि पुलिस तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्धों का पता लगा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कार्रवाई की गई है और प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है।
असम से बाहर भी संदिग्धों की तलाश
डीजीपी के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ संदिग्धों की मौजूदगी असम के बाहर भी सामने आई है। इनमें हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में मौजूद लोग शामिल हैं। पुलिस इन संदिग्धों को भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी के मामलों के खिलाफ असम पुलिस लगातार अभियान चला रही है। शनिवार को चलाया गया विशेष अभियान मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू किया गया है।
फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर अलग-अलग तरह की धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। इनमें लोगों को पुलिस केस में राहत दिलाने का भरोसा देकर पैसे लेना, खुद को पुलिस अधिकारी बताना, फोन पर डराना-धमकाना और कथित तौर पर दबाव बनाकर रकम ऐंठना शामिल है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों और गिरोहों पर शिकंजा कसना है, जो पुलिस और सरकारी तंत्र का नाम इस्तेमाल कर आम लोगों को ठगते हैं।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए लोगों की भूमिका और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले को अलग-अलग देखा जा रहा है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य के बाहर मिले संदिग्धों को भी इस अभियान के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है।