असम-मेघालय टैक्सी विवाद पर बनी सहमति, सामान्य आवाजाही बहाल रखने पर जोर

संयुक्त बैठक में ड्राइवरों की सुरक्षा, पार्किंग और यात्रियों की सुविधा पर हुई चर्चा शिकायतों के समाधान के लिए समितियां गठित होंगी
असम-मेघालय टैक्सी विवाद पर बनी सहमति, सामान्य आवाजाही बहाल रखने पर जोर
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असम-शिलांग : असम और मेघालय के बीच टूरिस्ट टैक्सी परिचालन को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। दोनों राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा टूरिस्ट टैक्सी एसोसिएशनों की संयुक्त बैठक में दोनों पक्षों ने समस्याओं का समाधान बातचीत और समन्वय के जरिए करने पर सहमति जताई। बैठक के बाद मेघालय के उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने इसे सफल और रचनात्मक बताया। बैठक में असम के सात और मेघालय के पांच टूरिस्ट टैक्सी एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य हाल में शिलांग में हुए छात्र संगठन के आंदोलन और उसके बाद दोनों राज्यों के टैक्सी ऑपरेटरों के सामने पैदा हुई परेशानियों का समाधान तलाशना था। इस दौरान असम में पंजीकृत कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पैदा हुए तनाव का भी असर अंतरराज्यीय टैक्सी परिचालन पर पड़ा था। मेघालय सरकार की ओर से बैठक का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने किया, जबकि असम का प्रतिनिधित्व पर्यटन मंत्री अतुल बोरा ने किया। दोनों राज्यों के अधिकारियों और टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों ने करीब दो घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। धर ने बैठक के बाद कहा कि दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने टूरिस्ट टैक्सी संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकांश मुद्दों पर चर्चा कर उन्हें आगे समाधान के लिए स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर किसी भी स्थानीय घटना का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। विवादों का समाधान बातचीत के जरिए ही किया जाना चाहिए।

सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक मुद्दे उठे

बैठक में टूरिस्ट टैक्सी ऑपरेटरों ने कई व्यावहारिक समस्याएं सामने रखीं। इनमें ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा, पार्किंग की व्यवस्था, एयरपोर्ट और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों तक वाहनों की पहुंच तथा दूसरे राज्य में टैक्सी चलाने के दौरान आने वाली परेशानियां प्रमुख थीं। टैक्सी संगठनों ने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि अंतरराज्यीय यात्रा के दौरान वाहनों को अनावश्यक रूप से रोका या परेशान न किया जाए। दोनों सरकारों ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई। अधिकारियों को टूरिस्ट टैक्सियों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की पहचान करने की संभावना तलाशने को कहा गया है।

शिकायतों के समाधान के लिए बनेगी कमेटी

बैठक का एक महत्वपूर्ण फैसला टूरिस्ट टैक्सी संगठनों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए वरिष्ठ परिवहन अधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने का है। इन समितियों से टैक्सी एसोसिएशन सीधे संपर्क कर सकेंगे। किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर संबंधित संगठन इन समितियों को इसकी जानकारी देकर समाधान की मांग कर सकेंगे। दोनों राज्यों के अधिकारियों और टैक्सी संगठनों के बीच नियमित बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य छोटी-छोटी समस्याओं और गलतफहमियों को समय रहते दूर करना है, ताकि वे बड़े विवाद का रूप न लें।

सामान्य आवाजाही जारी रखने की उम्मीद

उपमुख्यमंत्री धर ने बैठक के परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि टैक्सी संगठनों द्वारा उठाए गए अधिकांश मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि असम और मेघालय के बीच टूरिस्ट टैक्सियों की सामान्य आवाजाही जारी रहेगी और भविष्य में इस तरह की समस्याओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। उन्होंने टैक्सी एसोसिएशनों और ड्राइवरों से अनुशासन बनाए रखने तथा सरकारी अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। असम और मेघालय के बीच टैक्सी परिचालन को लेकर यह विवाद अगस्त में शिलांग में हुई हिंसक घटना के बाद अधिक गंभीर हो गया था। इसके बाद दोनों राज्यों के टूरिस्ट टैक्सी संगठनों ने एक-दूसरे के राज्यों में वाहनों के परिचालन को लेकर आपत्तियां उठाई थीं। 23 अगस्त को भी मेघालय सरकार और टैक्सी संगठनों के बीच हुई बैठक के बाद 10 सितंबर तक दोनों राज्यों के बीच वाहनों की सामान्य आवाजाही जारी रखने पर सहमति बनी थी। उस समय उपमुख्यमंत्री धर ने टैक्सी संचालकों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए दोनों राज्यों के परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान तलाशने का आश्वासन दिया था। इससे पहले 22 अगस्त को दोनों राज्यों की सरकारों के बीच हुई बैठक में भी अंतरराज्यीय सीमा से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों के समाधान और टूरिस्ट वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए संयुक्त समितियां बनाने का निर्णय लिया गया था।

पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम

असम और मेघालय पूर्वोत्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं और बड़ी संख्या में पर्यटक दोनों राज्यों के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं। गुवाहाटी से शिलांग, चेरापूंजी और अन्य पर्यटन स्थलों तक टूरिस्ट टैक्सियों की आवाजाही इस पर्यटन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच टैक्सी परिचालन सामान्य रखने और ड्राइवरों तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सहमति को पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धर ने कहा कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना ही दोनों राज्यों के हित में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार की बैठक के बाद हालात सामान्य रहेंगे और असम-मेघालय के बीच यात्रियों एवं टूरिस्ट वाहनों की आवाजाही बिना बाधा जारी रहेगी।

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