काजीरंगा के पास गड्ढे में फंसा हाथी का बच्चा बचाया गया

सीडब्ल्यूआरसी में इलाज जारी
काजीरंगा के पास गड्ढे में फंसा हाथी का बच्चा बचाया गया
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गुवाहाटी : असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास एक चाय बागान में कीचड़ से भरे गड्ढे में फंसे हाथी के बच्चे को वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने सुरक्षित बचा लिया। करीब चार से छह सप्ताह के इस बच्चे को फिलहाल वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र (सीडब्ल्यूआरसी) में चौबीसों घंटे निगरानी और उपचार दिया जा रहा है। असम के पर्यावरण एवं वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को बताया कि हाथी का बच्चा बुधवार को सेकनी टी एस्टेट में एक गड्ढे में गिरकर फंस गया था। वह जिस झुंड का हिस्सा था, उसके अन्य हाथियों ने उसे बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बरुआ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि बच्चे को गड्ढे में फंसा देखकर चाय बागान के सतर्क कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल वन्यजीव अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के बीच समन्वय से बचाव अभियान शुरू किया गया।

वन्यजीव चिकित्सकों ने दिया प्राथमिक उपचार

वन्यजीव पशु चिकित्सक भास्कर चौधरी के नेतृत्व में सीडब्ल्यूआरसी की टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची और हाथी के बच्चे को सुरक्षित गड्ढे से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल निकटतम बीट कार्यालय ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सा कर्मियों ने उसकी जांच कर आपातकालीन उपचार और तरल पदार्थ दिए। मंत्री ने कहा कि बचाव दल की पहली प्राथमिकता बच्चे को उसके झुंड में वापस पहुंचाने की थी। वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने पूरे दिन स्थिति पर नजर रखी और झुंड के वापस आने का इंतजार किया, ताकि बच्चे को उसके परिवार से मिलाया जा सके।

झुंड के नहीं लौटने पर सीडब्ल्यूआरसी भेजा गया

बरुआ के अनुसार, काफी इंतजार के बावजूद झुंड वापस नहीं लौटा। इसके बाद बच्चे को विशेष पुनर्वास और चौबीसों घंटे देखभाल के लिए सीडब्ल्यूआरसी स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बच्चा अब केंद्र में पुनर्वासित किए जा रहे और उपचार प्राप्त कर रहे अन्य हाथियों के साथ रह रहा है। मंत्री ने कहा कि इस बचाव अभियान ने वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया है।

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